झालावाड़: राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की असामयिक मृत्यु के पश्चात भारी जनाक्रोश और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। तीन दिवस पूर्व कुएं में गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाई गई विवाहिता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए शव को स्थानीय थाने के सामने रखकर उग्र प्रदर्शन किया। परिजनों और बड़ी संख्या में एकत्र ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर देर रात तक धरना दिया, जो अंततः वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समझाइश और लिखित आश्वासन के बाद ही समाप्त हुआ।
कुएं में घायल मिलने के बाद इंदौर में इलाज के दौरान मौत
पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार फतेहगढ़ निवासी उन्नीस वर्षीय तारा कुंवर बीते 16 जुलाई को रहस्यमयी परिस्थितियों में कुएं के भीतर गंभीर घायल अवस्था में मिली थीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत डग के स्थानीय चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहाँ उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के पश्चात मध्य प्रदेश के इंदौर शहर स्थित बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इंदौर में गहन चिकित्सा के बावजूद रविवार को उपचार के दौरान नवविवाहिता ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना एवं हत्या का संगीन आरोप
मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष के सदस्यों पर विवाह के समय से ही लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मृतका के चाचा ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि पति, सास और ससुर द्वारा अतिरिक्त दहेज की अनुचित मांग को लेकर तारा को बार-बार यातनाएं दी जाती थीं। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि इसी निरंतर प्रताड़ना और साजिश के परिणामस्वरूप उनकी बेटी की जान गई है, जिसके लिए ससुराल जन सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन और लुटियंस की तर्ज पर चक्काजाम
इंदौर से शव के डग थाने पहुँचते ही परिजनों के साथ भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और थाने के समक्ष एम्बुलेंस खड़ी कर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए डग, गंगधार, उन्हेल और पगारिया थानों के प्रभारियों सहित भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया, किंतु ग्रामीण जिला पुलिस प्रमुख से सीधे वार्ता करने की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस अधीक्षक के निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना
हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार स्वयं मौके पर पहुँचे और शोकाकुल परिवार से सीधी वार्ता की। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी) स्तर के वरिष्ठ अधिकारी से कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक के इस भरोसे के बाद देर रात लगभग 11 बजे परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया और शव को अंतिम संस्कार हेतु अपने गांव ले गए, जबकि पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

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