उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता से छेड़छाड़ करने और कथित रूप से मानव मांस के सेवन का दावा करने वाली विवादास्पद तांत्रिक काली उर्फ नंद गिरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद संत समाज ने तीखा विरोध जताया था। जीवाजीगंज थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 301 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
साधु-संतों में भारी आक्रोश
वीडियो सामने आने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और स्थानीय साधु-संतों ने इस कृत्य को सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध व्यक्त किया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र पुरी महाराज और महामंत्री महेंद्र गिरी महाराज ने पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। संतों ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्मशास्त्र में मानव अंगों के सेवन का विधान नहीं है। इसके साथ ही चक्रतीर्थ श्मशान घाट में तांत्रिक के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई गई है।
कार्रवाई के बीच धमकी भरा वीडियो प्रसारित
अदालत में पेशी से पहले तांत्रिक ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो साझा कर शिकायतकर्ताओं को खुलेआम चेतावनी दी। श्मशान घाट में चिता की भस्म लगाए हुए प्रसारित इस वीडियो में विरोध करने वालों को देख लेने की धमकी दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
जेंडर परिवर्तन और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
शिकायतकर्ताओं के दावों के अनुसार, आरोपी जन्म से किन्नर नहीं था, बल्कि अल्लूरी श्रीनिवास नामक पुरुष था, जिसने बाद में जेंडर चेंज सर्जरी करवाई थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि मेडिकल और कानूनी दस्तावेजों के बाद ही हो सकेगी। तांत्रिक का विवादों से पुराना नाता रहा है:
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ठगी का मामला (2025): उत्तर प्रदेश में एक महिला फिल्म निर्माता से अनुष्ठान के नाम पर 10 लाख रुपये ऐंठने और धमकी देने के आरोप में तेलंगाना पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था।
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विवाह से जुड़े विवाद (2025): दो अलग-अलग महिलाओं ने धोखे से शादी करने, डराने-धमकाने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए थे।
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गढ़कालिका मंदिर विवाद (मई 2026): उज्जैन के प्रसिद्ध गढ़कालिका मंदिर में सुरक्षाकर्मियों से विवाद के बाद आत्मदाह का प्रयास किया गया था, जिसे पुलिस ने मौके पर संभाल लिया था।
शव से छेड़छाड़ पर कानूनी प्रावधान
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 301 श्मशान, कब्रिस्तान या शवगृह में अनाधिकृत प्रवेश, मानव अवशेषों से छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के अपराध से संबंधित है। यह कानून के तहत एक वर्ष तक के कारावास, जुर्माने या दोनों की सजा का प्रावधान करने वाला अपराध है।

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