September 3, 2026

गोंडी में बच्चों से बातचीत, डिजिटल पढ़ाई पर जोर; शिक्षा मंत्री ने भविष्य को लेकर दिया मंत्र

बीजापुर: स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बीजापुर जिले के अपने प्रवास के दौरान पुसनार स्थिति पोटा केबिन आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया और जिले की शैक्षणिक व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं में संस्कार, अनुशासन एवं रचनात्मक गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा देने के कड़े निर्देश दिए। जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने डिजिटल शिक्षा, कैरियर मार्गदर्शन, खेलकूद, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा शालाओं में उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर विश्वदीप ने जिले में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। वहीं जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे ने सुदूर एवं ग्रामीण अंचलों में शैक्षणिक सुविधाओं की पहुँच और प्रगति से अवगत कराया। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने स्कूलों तथा पोटा केबिनों में संचालित गतिविधियों, डिजिटल संसाधनों एवं विभागीय योजनाओं की रिपोर्ट पेश की।

पोटा केबिन में बच्चों से गोंडी में किया आत्मीय संवाद

मंत्री यादव ने पुसनार पोटा केबिन का मुआयना कर विद्यार्थियों के पठन-पाठन, भोजन, शयनकक्ष और स्वच्छता व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। ब्रिज कोर्स के तहत अध्ययनरत बच्चों से मुलाकात कर उन्होंने उनकी दिनचर्या जानी और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए गोंडी बोली में संवाद किया। उन्होंने अनुदेशकों से बच्चों की दैनिक गतिविधियों में प्रार्थना, प्रेरणा गीत, योग एवं खेलकूद को शामिल करने के निर्देश दिए।

पढ़ाई के साथ संस्कार और प्रतिभा विकास पर ध्यान

समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधीक्षकों को निर्देशित किया कि पाठ्यक्रम की पढ़ाई के अलावा महापुरुषों की जीवनी, संगीत एवं योग जैसी रचनात्मक गतिविधियां अनिवार्य रूप से संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षक एवं अधीक्षक संस्था को अपना मानकर जिम्मेदारी से कार्य करें, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।

डिजिटल शिक्षा और कैरियर मार्गदर्शन को प्राथमिकता

हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर्स एवं एलईडी स्क्रीन के माध्यम से नियमित कक्षाएं चलाने के निर्देश दिए गए। डिजिटल उपकरणों में तकनीकी खराबी आने पर स्थानीय निधि से तत्काल सुधार कराने को कहा गया ताकि अध्ययन प्रभावित न हो। इसके साथ ही यू-डाइस कोड के तहत विद्यार्थियों की प्रविष्टि सितंबर माह तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार उन्हें उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी देने हेतु कैरियर काउंसलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

स्वास्थ्य परीक्षण और खेलकूद को बढ़ावा

मंत्री ने प्रत्येक विद्यार्थी को किसी न किसी खेल गतिविधि से जोड़ने तथा सभी आवासीय परिसरों में प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए। स्कूलों को मिलने वाली शासकीय अनुदान राशि (ग्रांट) का पूर्ण पारदर्शिता एवं ईमानदारी से उपयोग करने को कहा गया।

चार विद्यालयों में गठित होंगे बैंड दल

मंत्री यादव ने घोषणा की कि जिले के चार प्रमुख विद्यालयों में बैंड दल के गठन हेतु विभाग द्वारा आवश्यक वाद्य यंत्र एवं सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। स्काउट एवं रेडक्रॉस से जुड़े बच्चों का चयन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, उपाध्यक्ष पेरे पुलैय्या सहित सभी विकासखंडों के बीईओ एवं अधीक्षक उपस्थित रहे।