October 15, 2026

नवरात्रि में गुड़हल के फूल से करें ये उपाय, दूर हो जाएंगी परेशानियां, भर जाएगी तिजोरी

शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना को समर्पित है. इन नौ दिनों में भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं. मां दुर्गा को लाल रंग के फूल बेहद प्रिय हैं. खासतौर पर गुड़हल का फूल देवी की पूजा में अलग महत्व रखता है. नवरात्रि में मां दुर्गा को लाल गुड़हल अर्पित करने से सुख-समृद्धि आती है. कि नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा के साथ गुड़हल के फूल से जुड़े कुछ विशेष उपाय करना शुभ माना जाता है. नवरात्रि में सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर विधि-विधान से पूजा करें. पूजा के दौरान माता रानी को लाल रंग का गुड़हल का फूल अर्पित करें और श्रद्धापूर्वक आरती करें. नियमित रूप से देवी की उपासना करने और उन्हें प्रिय फूल अर्पित करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. इस उपाय को करते समय मन में सकारात्मक विचार रखें और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें.

ऐसे दूर होगी आर्थिक दिक्कत
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि नवरात्रि के दिनों में धन-धान्य और आर्थिक खुशहाली की चाहने वाले भक्त मां दुर्गा की विशेष पूजा कर सकते हैं. इसके लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा स्थल पर मां दुर्गा के समक्ष गुड़हल का फूल अर्पित करें. भक्त ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं. इस प्रकार की उपासना से व्यक्ति को मानसिक बल मिलता है और वह आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित होता है. कुछ धार्मिक परंपराओं में दशमी तिथि पर पूजा में चढ़ाए गए फूलों को सम्मानपूर्वक जल में प्रवाहित करने की मान्यता भी है. हालांकि, ऐसा करते समय स्थानीय धार्मिक परंपराओं और जल-स्रोतों की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए.

किसी को न खिलाएं फूल
पंडित कल्कि राम के मुताबिक धार्मिक मान्यताओं में मां काली को शक्ति और नकारात्मकता पर विजय का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में भक्त मां काली की पूजा करके जीवन में साहस, सकारात्मकता और मानसिक शांति की कामना कर सकते हैं. इसके लिए देवी के समक्ष गुड़हल का फूल अर्पित करें और श्रद्धापूर्वक मंत्रों का जाप करें. पंडित कल्कि राम के अनुसार, देवी की आराधना करते समय मन में अच्छे विचार रखें. किसी व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित मानकर फूल खिलाने जैसे उपाय न करें.