वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेटरों ने मंगलवार को रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले एक संशोधित विधेयक को सदन पटल पर रखा है। यह विधेयक पूर्व में दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा समर्थित मूल प्रस्ताव का ही एक बदला हुआ रूप है, जिसमें वैश्विक आर्थिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं।
भारत और चीन को बड़ी राहत
इस नए संशोधित विधेयक के आने से भारत और चीन जैसे बड़े देशों को एक बड़ी कूटनीतिक राहत मिली है। मूल प्रस्ताव में रूसी तेल और गैस का आयात करने वाले देशों पर बेहद भारी टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का प्रावधान था, जिसे इस नए संस्करण में काफी हद तक घटा दिया गया है।
वैश्विक तेल आयातकों पर घटेगा दबाव
विधेयक में किए गए इन सुधारों के बाद अब उन तमाम देशों पर से आर्थिक कार्रवाई का खतरा काफी कम हो गया है, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से ईंधन खरीद रहे हैं। अमेरिकी सीनेटरों द्वारा उठाए गए इस कदम को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और आपूर्ति को संतुलित रखने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

More Stories
‘पॉर्न देखा और हस्तमैथुन किया’, फ्लाइट में सहयात्री पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप
परोपकार को समर्पित बफेट परिवार: सूसी, हॉवर्ड और पीटर संभाल रहे हैं सामाजिक जिम्मेदारियाँ
19 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार: जानिए चीन के इस अनोखे फूल बाजार की खासियत