तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की मुश्किलें बढ़ीं, हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी

पंजिम (गोवा)। तहलका मैगजीन के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने वर्ष 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म मामले में निचली अदालत (सेशंस कोर्ट) के बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया है। यह फैसला न्यायमूर्ति अमित जामदार और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने सुनाया।

निचली अदालत के बरी करने के फैसले को हाईकोर्ट ने पलटा

गोवा की सेशंस कोर्ट ने वर्ष 2021 में सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार और पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया और 30 जुलाई 2026 को अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 6 अगस्त को सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया गया।

13 साल पुराना है ग्रैंड हयात लिफ्ट यौन उत्पीड़न मामला

यह पूरा मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा के ग्रैंड हयात होटल में आयोजित 'थिंक फेस्ट' कार्यक्रम के दौरान तहलका की ही एक महिला सहकर्मी ने तेजपाल पर लिफ्ट के भीतर यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए थे। मामला सामने आने के बाद तेजपाल को पद छोड़ना पड़ा था और गोवा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इस मामले में कोर्ट जल्द ही सजा के बिंदु पर सुनवाई कर फैसला सुनाएगी।