छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहाँ एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी की ट्रक के साथ सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस दिल दहला देने वाले हादसे में पांच बेकसूर मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 20 अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर कोहराम मच गया और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग राहत कार्य के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम भी राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची। सभी घायल श्रमिकों को तुरंत इलाज के लिए छिंदवाड़ा जिला अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी हुई है। घटना स्थल से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे इस हादसे की भयावहता को साफ बयां कर रही हैं।
तीन महिलाओं सहित पांच की मौत और घायलों की स्थिति
अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। मृतकों में से एक की पहचान मछेरा गांव के निवासी के रूप में स्थापित कर ली गई है, जबकि बाकी चार अन्य मृतकों के नाम और पते की सटीक पुष्टि के प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों में से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, तीन गंभीर रूप से जख्मी मरीजों को तत्काल ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया है, जहां उनका ऑपरेशन किया जा रहा है। वहीं, एक अन्य श्रमिक की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए नागपुर रेफर किया जा रहा है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और युद्धस्तर पर इलाज की व्यवस्था
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए। जिला प्रशासन की विशेष टीमें पीड़ितों को मलबे से निकालने और उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाने के काम में जुटी रहीं। अस्पताल परिसर में आपातकालीन स्थिति घोषित करते हुए अतिरिक्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है ताकि घायलों को बिना किसी देरी के समुचित स्वास्थ्य लाभ मिल सके। प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी घायलों की जान बचाना और उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल और जांच के आदेश
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्सीडेंट ने नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति सीमा और मालवाहक गाड़ियों में मजदूरों को ढोने की असुरक्षित व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों वाहनों की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण मोड़ पर यह भीषण टक्कर हुई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके और इस संबंध में आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा सके।

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