नई दिल्ली। बदलते मौसम में संक्रमण और गले से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ती हैं। इसकी शुरुआत अक्सर गले में दर्द या सूजन से होती है, जो धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित कर देती हैं। ऐसी ही तकलीफदेह समस्या है टॉन्सिल्स या तुण्डिकेरी, जिसमें गले में सूजन, दर्द और निगलने में परेशानी जैसी शिकायतें होती हैं।
इस समस्या के बढ़ने पर पानी पीना तक मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टॉन्सिल्स दरअसल गले के दोनों ओर मौजूद दो छोटी ग्रंथियां होती हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली का हिस्सा हैं। ये नाक और मुंह से शरीर में प्रवेश करने वाले कीटाणुओं को रोकने का काम करती हैं। लेकिन जब इन ग्रंथियों में संक्रमण हो जाता है, तो यही हमारी परेशानी का कारण बनती हैं। यह संक्रमण कफ और पित्त दोष के असंतुलन के कारण होता है। जब शरीर में विषैले तत्व बढ़ जाते हैं और पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, तो गले की इन ग्रंथियों में सूजन आ जाती है, जिससे बुखार, दर्द और निगलने में कठिनाई होने लगती है। टॉन्सिल्स के शुरुआती लक्षणों में गले में खराश, तेज दर्द, निगलने में कठिनाई, हल्का बुखार, सिरदर्द और सांस से बदबू आना शामिल है। यह समस्या बच्चों में अधिक पाई जाती है, क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और वे ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम या कोल्ड ड्रिंक्स ज्यादा लेते हैं। डॉक्टरों के अनुसार ठंडी, तली-भुनी और भारी चीजें अधिक खाना, ठंडी हवा या बर्फ के संपर्क में रहना, दिन में सोना और कमजोर पाचन शक्ति भी टॉन्सिल्स को बढ़ावा देते हैं।
आयुर्वेद में टॉन्सिल्स से राहत के लिए कई प्राकृतिक उपचार बताए गए हैं। दिन में कई बार गर्म पानी से गरारे करना और गुनगुना पानी पीना सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। तुलसी, अदरक, मुलेठी और पिप्पली की चाय सुबह-शाम लेने से गले को राहत मिलती है। हल्का और गर्म भोजन करना चाहिए और ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। गर्म पानी में हल्दी और सेंधा नमक डालकर गरारे करने से सूजन और दर्द में आराम मिलता है। तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर उसमें शहद मिलाकर पीने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और गले की सूजन घटती है। इसके अलावा मुलेठी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर चाटने से खराश और जलन में तुरंत राहत मिलती है। अजवायन, काली मिर्च और हल्दी उबालकर पीने से कफ कम होता है और संक्रमण दूर होता है। रात में त्रिफला चूर्ण गर्म पानी के साथ लेने से शरीर के विषैले तत्व निकल जाते हैं और पाचन सुधरता है।

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