जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, बोले- CJP नेता आज रात हो सकते हैं गिरफ्तार

नई दिल्ली: नीट परीक्षा धांधली मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर राजधानी में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इस कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार दोपहर जंतर-मंतर पर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने सरकार की मंशा और पुलिस प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए अपना पक्ष रखा।

गिरफ्तारी की आशंका और सरकार से सीधा सवाल

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने आशंका जताई कि देर रात तक उनकी पार्टी की टीम और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर बैठे प्रदर्शनकारियों को क्यों गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट धांधली पर अड़े प्रदर्शनकारी

उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी करीब एक महीने से लगातार जंतर-मंतर पर डटी हुई है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं। पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सोनम वांगचुक का अनशन और एक माह का संघर्ष

इन मांगों के समर्थन में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी पिछले 26 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। उन्होंने छात्रों के समर्थन में देशव्यापी संदेश देने का प्रयास किया। हालांकि, परिस्थितियों की समीक्षा के बाद गुरुवार देर रात उन्होंने अपना उपवास समाप्त कर दिया, लेकिन आंदोलनकारियों का हौसला अब भी बुलंद है।

आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प और आगे की रणनीति

सीजेपी के संस्थापक ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारियों या किसी भी प्रशासनिक दबाव के बावजूद उनका संघर्ष कमजोर नहीं पड़ेगा। उन्होंने देश भर के युवाओं और छात्रों से एकजुट होकर शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की इस लड़ाई में सहयोग देने की अपील की। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि वे कानूनी दायरे में रहकर अपने अधिकारों और देश के युवाओं के भविष्य के लिए आगे की रणनीति तैयार करेंगे।