मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला अंतर्गत बहसूमा क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक निजी बैंक (HDFC) के एरिया मैनेजर अर्पित पाराशर ने अपनी प्रेमिका के 6 साल के मासूम बेटे अंगदवीर की चाकू से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की मुख्य वजह यह थी कि मासूम ने अपनी मां और आरोपी को एक साथ देख लिया था, जिससे आरोपी को अपना एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर उजागर होने का डर सता रहा था। आरोपी ने बच्चे का अपहरण रामराज इलाके में स्थित उसके घर के बाहर से मंगलवार को किया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बुधवार को मीरापुर निवासी हत्यारे मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी प्रेमिका को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि आरोपी अर्पित की शादी महज 6 महीने पहले ही हुई थी।
घर के बाहर से कार में किया था मासूम का अपहरण
रामराज की रहने वाली बलजिंदर कौर ने मंगलवार को स्थानीय थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी कि उनका 6 वर्षीय पोता अंगदवीर घर के बाहर खेल रहा था, तभी आरोपी अर्पित पाराशर उसे अपनी कार में जबरन बैठाकर अगवा कर ले गया। आरोपी अर्पित हापुड़ में बैंक का एरिया मैनेजर है। पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की और इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो उसमें आरोपी साफ तौर पर बच्चे को अपनी कार में ले जाता हुआ दिखाई दिया।
8 घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा हत्यारा मैनेजर
गिरफ्तारी के बाद पुलिसिया पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि रविवार को वह अपनी प्रेमिका गुरप्रीत से मिलने उसके घर गया था। इस दौरान मासूम अंगदवीर ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में साथ देख लिया था। अर्पित को डर था कि बच्चा अपने परिजनों के सामने इस गुप्त रिश्ते का भंडाफोड़ कर देगा, इसी खौफ के चलते उसने मासूम को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
मंगलवार देर रात जब पुलिस ने आरोपी को मीरापुर के भूमा रोड से घेराबंदी कर दबोचा, तो वह करीब 8 घंटे तक मनगढ़ंत कहानियां गढ़कर पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने पहले दावा किया कि उसने बच्चे को परीक्षितगढ़ क्षेत्र की एक नहर में फेंक दिया है। बुधवार सुबह से ही पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती रहीं। आखिरकार, जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने सच उगल दिया कि उसने हस्तिनापुर के भद्रकाली मंदिर के पास ही बच्चे का गला रेत दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शाम 5 बजे झाड़ियों से मासूम का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बस सफर के दौरान परवान चढ़ा था प्रेम प्रसंग
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि अंगदवीर के पिता गुरसेवक सिंह पिछले 6 सालों से आजीविका के सिलसिले में सऊदी अरब में रह रहे हैं। करीब 3 साल पहले उनकी पत्नी गुरप्रीत ने बहसूमा के एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका के तौर पर पढ़ाना शुरू किया था। वह रोज बस से स्कूल आती-जाती थी। वहीं, आरोपी अर्पित भी हापुड़ स्थित अपने बैंक जाने के लिए मीरापुर से उसी बस में सफर करता था। इसी दौरान दोनों की जान-पहचान हुई, जो धीरे-धीरे गहरे प्रेम प्रसंग में तब्दील हो गई और जिसका अंत इस खौफनाक हत्याकांड के रूप में हुआ।

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