जितेंद्र मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता, चौथा आरोपी दबोचा गया

झज्जर। डीघल गांव के बहुचर्चित जितेंद्र हत्याकांड में मुस्तैद पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए गांगटान गांव के रहने वाले अमित नाम के आरोपी को दबोच लिया है। गिरफ्तारी के फौरन बाद पुलिस टीम ने उसे स्थानीय अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से माननीय न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। गौरतलब है कि इस सनसनीखेज हत्या के मामले में झज्जर पुलिस द्वारा एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) सहित तीन मुख्य आरोपियों को पहले ही कानून के शिकंजे में लिया जा चुका है। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल मार्गदर्शन में काम कर रही सीआईए झज्जर की विशेष टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों, जमीनी मुखबिरों और आधुनिक वैज्ञानिक प्रणालियों का बारीकी से विश्लेषण करके बाकी बचे अपराधियों की धरपकड़ में जुटी हुई थी।

सीआईए टीम की लगातार छानबीन और चौथी गिरफ्तारी

इसी सघन तलाशी अभियान और पुख्ता वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर सीआईए प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर फोगाट के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सटीक रणनीति अपनाकर गांगटान निवासी अमित को उसके संभावित ठिकाने से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। इस नई गिरफ्तारी के साथ ही जितेंद्र हत्याकांड में सलाखों के पीछे पहुंचने वाले कुल आरोपियों की संख्या अब बढ़कर चार हो गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अपनी पहचान छिपाकर और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सुदूर राज्यों में भाग गए थे, जिन्हें पूर्व में झज्जर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से ढूंढ निकाला था।

वारदात के बाद मुंबई भागे थे आरोपी, पुलिस ने किया भंडाफोड़

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सभी नामजद आरोपी कानून की गिरफ्त से बचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छिपते फिर रहे थे, परंतु पुलिस की विशेष विंग द्वारा की जा रही चौबीसों घंटे की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, कॉल डिटेल एनालिसिस (सीडीआर) और त्वरित जमीनी इनपुट के कारण उनका भागना ज्यादा दिनों तक सफल नहीं हो सका। मुंबई से हुई उन शुरुआती तीन गिरफ्तारियों के बाद से ही पुलिस लगातार इस साजिश में शामिल अन्य मददगारों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही थी, जिसमें अब गांगटान के अमित की गिरफ्तारी के रूप में जांच टीम को एक बेहद मजबूत कड़ी हाथ लगी है।

अदालती प्रक्रिया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई

इस चौथे आरोपी अमित की गिरफ्तारी से न केवल हत्या के इस संगीन मुकदमे की फाइल और पुख्ता हुई है, बल्कि वारदात के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में भी मदद मिली है। सीआईए टीम ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में साक्ष्यों को पूरी मजबूती के साथ अदालत में पेश किया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।