रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, जो वर्षों से कच्चे और असुरक्षित मकानों में जीवन यापन कर रहे थे, अब सुरक्षित, पक्के और सम्मानजनक आवास में रहने का सपना साकार कर पा रहे हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों में इस योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। इससे न केवल उन्हें सुरक्षित आश्रय मिल रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक सुरक्षा की भावना भी मजबूत हो रही है।
इसी कड़ी में बलरामपुर जिला के जनपद पंचायत राजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगचौरा की निवासी धनेश्वरी की कहानी इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण है। कभी कच्ची दीवारों और टपकती छत के नीचे जीवन गुजारने वाली धनेश्वरी के लिए पक्का घर केवल एक सपना था। आर्थिक सीमाओं के कारण वे अपने बलबूते घर बनाने में असमर्थ थीं।योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया और शासन की त्वरित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उन्हें आवास की स्वीकृति प्राप्त हुई। इसके बाद पूरे परिवार के सहयोग से उन्होंने अपने सपनों के घर का निर्माण शुरू किया। धीरे-धीरे उनका सपना साकार होता गया और आज वे अपने पक्के, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवास में परिवार सहित खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं।
धनेश्वरी बताती हैं कि अब उन्हें मौसम की मार और असुरक्षा का डर नहीं सताता। उनका नया घर न केवल उन्हें सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान और स्थायित्व भी लेकर आया है।
राज्य में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से हजारों परिवारों को इसी तरह पक्के आवास उपलब्ध हो रहे हैं। यह पहल ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा और समावेशी वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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