ग्वालियर। शहर के शीतला माता मंदिर के समीप शनिवार की देर रात एक बेहद भीषण और दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। इस हृदयविदारक दुर्घटना में 15 लोगों की असामयिक मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बड़ी त्रासदी के सामने आने के बाद से ही अस्पताल परिसर में मातम और आक्रोश का मिला-जुला माहौल बना हुआ है। हादसे में अपने परिजनों को गंवाने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और लोगों में स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
पीड़ित परिजनों का छलका दर्द और रो-रोकर बुरा हाल
इस भीषण दुर्घटना में अपने बेटे को हमेशा के लिए खोने वाली एक पीड़ित मां का रो-रोकर कलेजा फट रहा है। उनका कहना है कि हादसे के वक्त उनके परिवार के कई सदस्य मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्हें घटना की सूचना काफी देर से सुबह दी गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उनकी बेटी अपनों की तलाश में घटनास्थल और अस्पतालों के चक्कर काट रही थी, तब पुलिस प्रशासन ने उनकी कोई मदद नहीं की। परिजनों का दर्द छलक उठा कि यदि यह हादसा किसी अपने के साथ हुआ होता, तो शायद प्रशासन को इस पीड़ा का अहसास होता।
प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप
मृतकों के परिजनों ने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन परलापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक अन्य परिजन ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि दुर्घटना रात को ही हो गई थी, तो घायलों को तुरंत अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर उचित इलाज और सहायता न मिलने के कारण कई लोगों की जान चली गई। परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल में उन्हें लगातार यही कहकर अंधेरे में रखा गया कि मरीज का इलाज चल रहा है, जबकि सच्चाई यह थी कि उनका बच्चा पहले ही दुनिया छोड़ चुका था। घटना के समय वहीं मौजूद एक अन्य पीड़िता ने खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया कि तेज रफ्तार ट्रक अचानक बेकाबू होकर अंदर आ घुसा, जिससे पलभर में ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।

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