नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले डीके शिवकुमार को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने डीके शिवकुमार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के केस को खारिज कर दिया है। फिलहाल डीके शिवकुमार कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। डीके शिवकुमार के खिलाफ 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज हुआ था और इसमें उनसे पूछताछ भी की गई थी। यही नहीं डीके शिवकुमार को 2018 में ईडी ने अरेस्ट भी कर लिया था, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर वह बाहर आए थे। डीके शिवकुमार का कहना था कि भाजपा सरकार बदले की कार्रवाई के तहत उन पर ऐक्शन ले रही है।
डीके शिवकुमार एवं कुछ अन्य लोगों पर इस केस में आरोप था कि उन्होंने बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक एक बड़ा नेटवर्क बनाया था। इन लोगों के जरिए अघोषित कैश को ट्रांसफर किया जाता था। इस मामले में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापेमारी की थी और फिर मामले की जांच ईडी ने संभाल ली थी। इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने अगस्त 2019 में डीके शिवकुमार को राहत देने से इनकार कर दिया था और ईडी के समन पर रोक नहीं लगाई थी। इसके खिलाफ डीके शिवकुमार ने फिर शीर्ष अदालत का रुख किया था।
इस मामले में पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि डीके शिवकुमार के खिलाफ ईडी की जांच में कहा गया है कि उन्होंने आपराधिक साजिश रची थी। एजेंसी का यदि यह आरोप है तो फिर यह आईपीसी के सेक्शन 120 के तहत आता है। ऐसे में यह केस प्रवर्तन निदेशालय के तहत नहीं आता है। सिंघवी ने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश गलत था क्योंकि सिर्फ 120बी के तहत आने वाले अपराध की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत नहीं की जा सकती।

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