September 18, 2026

फर्जी पासपोर्ट मामले में STF का शिकंजा, एजेंट नसीम अख्तर को दबोचा

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसटीएफ ने भोपाल निवासी एजेंट नसीम अख्तर को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से 8 फर्जी पासपोर्ट बरामद किए गए हैं।

टूर एंड ट्रेवल्स की आड़ में चल रहा था अवैध धंधा

जांच में सामने आया है कि आरोपी नसीम अख्तर पिछले काफी समय से शहर की गतिविधियों में सक्रिय था।

  • एमपी नगर में ऑफिस: आरोपी वर्ष 2016 से भोपाल के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र एमपी नगर में टूर एंड ट्रेवल्स का संचालन कर रहा था।

  • पासपोर्ट एजेंट का काम: टूर एंड ट्रेवल्स के काम के साथ ही उसने धीरे-धीरे पासपोर्ट बनवाने वाले एजेंट के रूप में अवैध गतिविधियां शुरू कर दीं और फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क से जुड़ गया।

मुख्य आरोपी रियाल चौधरी से जुड़े तार

एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस फर्जी पासपोर्ट रैकेट के संचालन को लेकर पुलिस को अहम जानकारियां हाथ लगी हैं:

  • मास्टरमाइंड रियाल चौधरी: इस पूरे फर्जी पासपोर्ट गिरोह का मुख्य आरोपी रियाल चौधरी ही नसीम अख्तर को फर्जी पासपोर्ट से जुड़े काम और दस्तावेज सौंपता था।

  • मोटी रकम का लेन-देन: पूछताछ में यह बात भी साफ हुई है कि एक फर्जी पासपोर्ट को तैयार करवाने के एवज में मुख्य आरोपी रियाल चौधरी, नसीम अख्तर को 25 हजार से 30 हजार रुपये तक की मोटी रकम देता था।

अधिकारियों की मिलीभगत और दस्तावेजों में हेरफेर

इस मामले की तह तक जाने के लिए एसटीएफ गहनता से छानबीन कर रही है। शुरुआती जांच में यह बात भी प्रकाश में आई है कि इस पूरे खेल में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के कुछ अधिकारियों की संदिग्ध मिलीभगत भी शामिल रही है। अधिकारियों की साठगांठ के चलते ही पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों में चालाकी से हेरफेर करके इन अवैध पासपोर्टों को आसानी से तैयार किया जाता था। एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अधिकारियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।