रांची। झारखंड की राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त तथा अभेद्य बनाने के उद्देश्य से पुलिस के आला अधिकारियों ने एक बड़ी जमीनी मुहिम शुरू की है। इसके तहत रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने मंगलवार की देर रात नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) के साथ मिलकर विभिन्न संवेदनशील थाना क्षेत्रों, रात्रि गश्ती दलों (नाइट पेट्रोलिंग) तथा शहर के अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों का अचानक औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से देर रात ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और थाना प्रभारियों के बीच हड़कंप मच गया।
थानों की कार्यप्रणाली और मुस्तैदी का जमीनी स्तर पर लिया जायजा
देर रात किए गए इस औचक निरीक्षण के दौरान दोनों आला अधिकारियों ने विभिन्न पुलिस थानों की वास्तविक कार्यप्रणाली, वहां तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को बारीकी से परखा। इसके साथ ही अधिकारियों ने इस बात का भी विशेष जायजा लिया कि रात के समय आपात स्थिति में थानों या गश्ती दल तक पहुंचने वाले आम नागरिकों और पीड़ितों की मदद के लिए पुलिस बल कितनी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध रहता है।
महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी की जांच
अभियान के अगले चरण में अधिकारियों ने शहर के अति-संवेदनशील और महत्वपूर्ण सरकारी व सार्वजनिक सुरक्षा प्रतिष्ठानों का रुख किया। वहां तैनात सुरक्षा प्रहरियों और पुलिस बल के जवानों की मुस्तैदी की व्यक्तिगत रूप से जांच की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद प्रभारियों को दो-टूक शब्दों में हिदायत दी कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर और किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपराध नियंत्रण और रात्रि गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश
निरीक्षण के अंत में एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों और गश्ती दलों को रात के समय गश्त बढ़ाने तथा संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों की सघन चेकिंग करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की सक्रियता ऐसी होनी चाहिए जिससे अपराधियों में भय और आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव पैदा हो। इसके साथ ही उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को विषम परिस्थितियों में भी अलर्ट मोड पर रहने और रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने की हिदायत दी।

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