कहते हैं कानून के हाथ इतने बड़े होते हैं कि कोई भी अपराधी उससे बच नहीं सकता है. ऐसे ही एक मामला गुजरात के सूरत शहर से सामने आया है, जहां क्राइम ब्रांच की टीम ने 16 साल से फरार चल रहे हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने दिल्ली में साल 2009 में पैसे को लेकर हुए विवाद में अपने ही सेठ की हत्या कर दी थी और फिर फरार हो गया था. बीते कई सालों से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी.
दिल्ली के बिंदापुर थाना क्षेत्र के शिव मंदिर वृद्धाश्रम के पास साल 2019 में पैसे को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने अपने सेठ की हत्या कर दी थी. इस हत्याकांड में उसका दोस्त बनारसी लाल भी शामिल था. घटना के बाद दोनों लोग फरार हो गए. वह पुलिस से बचने के लिए पहचान बदलकर शहर-शहर घूमते रहे. आखिर में हत्या का मुख्य आरोपी सूरत में मजदूर बनकर बस गया.
आरोपी कर रहा था फैक्टी में काम
वह पूणा क्षेत्र के भैयानगर इलाके में एक लेस-पट्टी बनाने वाली फैक्ट्री में काम कर रहा था. इस बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम को उसके सूरत में होने की गुप्त सूचना मिली. सूरत क्राइम की टीम ने फैक्ट्री में छापा मारकर आरोपी को दबोच लिया, जो कि अपना नाम और पहचान बदलकर वहां काम कर रहा था. पुलिस से बचने के लिए वह मजदूर बनकर साधारण जीवन व्यतीत कर रहा था. आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करलिया है.
हत्या का आरोपी 16 साल बाद अरेस्ट
सूरत क्राइम ब्रांच ने सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया. आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस बीते 16 सालों से ही आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी. तमाम तरह की कोशिश के बावजूद उसका कहीं कुछ पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन बीते दिनों मिले सीक्रेट इनपुट के बाद पुलिस को उसकी गिरफ्तारी में सफलता मिली. अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने 16 साल पुराने हत्याकांड की जांच दोबारा शुरू कर दी है.

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