पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने का भारतीय शेयर बाजार पर भारी दबाव देखने को मिला। बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते बीएसई सेंसेक्स 800 अंक से अधिक टूट गया और निफ्टी 23,450 के स्तर से नीचे आ गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 813.35 अंक (1.08 प्रतिशत) की बड़ी गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर 74,764.23 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी 203.60 अंक (0.86 प्रतिशत) फिसलकर 23,431.50 अंक के स्तर पर आ गया।
आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, एचसीएल टेक 4.5% टूटा
बाजार में आईटी कंपनियों के शेयरों में हुई तगड़ी बिकवाली ने गिरावट को और गहरा कर दिया। सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक सबसे अधिक 4.55 प्रतिशत के नुकसान में रहा। इसके अलावा इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर भी प्रमुख रूप से टूटकर बंद हुए। इसके विपरीत अडाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट और एनटीपीसी के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
100 डॉलर के पार निकला ब्रेंट क्रूड, VIX में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजार की चिंताएं बढ़ गई हैं। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, महंगे तेल, भू-राजनीतिक अस्थिरता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसी अनिश्चितता के कारण बाजार का अस्थिरता सूचकांक 'इंडिया VIX' भी 6 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोपीय बाजारों में भी कारोबार के दौरान मंदी का रुख बना रहा। उल्लेखनीय है कि इससे पिछले सत्र (मंगलवार) को भी सेंसेक्स 555.23 अंक और निफ्टी 144.05 अंक गिरकर बंद हुआ था।

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