भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार के दौरान मुख्य संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 601.14 अंकों की बड़ी गोता लगाकर 72,997.55 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 146 अंक टूटकर 22,604.80 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। इससे पहले प्री-ओपनिंग सत्र में सुबह 9:03 बजे सेंसेक्स 340.35 अंकों की गिरावट के साथ 73,258.32 पर था, जबकि निफ्टी 85.21 अंक फिसलकर 22,664.55 के स्तर पर दर्ज किया गया था। गिफ्ट निफ्टी में 153.5 अंकों की गिरावट ने भारतीय बाजारों के लिए पहले ही कमजोर शुरुआत के स्पष्ट संकेत दे दिए थे। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी का 20-डीइएमए के ऊपर 22,825 का स्तर पार करना बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे आगे चलकर बाजार में 23,100 से 23,300 की सीमा तक सुधार देखने को मिल सकता है।
वैश्विक और एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
भारतीय बाजार के विपरीत एशियाई शेयर बाजारों में बढ़त का रुझान देखने को मिला। अमरीकी वॉल स्ट्रीट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बने नए आशावाद और प्रौद्योगिकी कंपनियों की आय रिपोर्ट से पूर्व निवेशकों के सकारात्मक रुख के चलते एशियाई बाजारों को मजबूती मिली। जापान का टोपिक्स सूचकांक लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 करीब 0.1 प्रतिशत की बढ़त में रहा। इसके अतिरिक्त हांगकांग का हैंग सेंग 0.2 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 0.4 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमरीकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले आगामी निर्णयों पर भी निवेशकों की पैनी निगाह बनी हुई है।
रुपये की स्थिति और कच्चे तेल का बाजार पर प्रभाव
दूसरी ओर, अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मामूली सुधार दर्ज किया गया। शुरुआती कारोबार के दौरान रुपया चार पैसे मजबूत होकर 95.03 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुँच गया, जो बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 95.07 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती के कारण रुपये पर दबाव लगातार बना हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 1.37 प्रतिशत बढ़कर 115.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया है। बाजार जानकारों के अनुसार एशियाई मुद्राओं की कमजोरी और कच्चे तेल की महंगाई के कारण आने वाले दिनों में रुपये में और उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। इस बीच, आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 4,240.39 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की थी।

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रुपया पांच पैसे टूटकर 94.98 प्रति डॉलर पर