September 24, 2026

गैंगरेप घटना के बाद कॉलेज के आसपास बढ़ी सुरक्षा, छात्राओं से पुलिस ने किया संवाद

दिल्ली। शैक्षणिक संस्थान के परिसर के भीतर हम स्वयं को सुरक्षित पाती हैं, परंतु बाहर कदम रखते ही भय का वातावरण महसूस होता है। महाविद्यालय के पिछले मुख्य द्वार और निकटतम बस स्टैंड के आसपास संदिग्ध व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। ये तत्व छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं, सीटी बजाते हैं, दोपहिया वाहनों से खतरनाक स्टंट कर डराते हैं तथा कई बार अनुचित व अश्लील हरकतें भी करते हैं।

छात्राओं ने सुरक्षा बलों से पुरजोर अपील करते हुए कहा कि विभिन्न प्रमुख स्थानों पर पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) तुरंत बढ़ाई जाए, जिससे छात्राएं भयमुक्त होकर आवाजाही कर सकें। लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमेन के बाहर बुधवार को विरोध प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने अपनी यह पीड़ा व्यक्त की।

कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में घटित घटना के विरोध में छात्राओं ने कॉलेज परिसर के बाहर एकत्र होकर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए आवाज बुलंद की। इस विरोध प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के प्रतिनिधियों के साथ-साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य महाविद्यालयों की छात्राओं ने भी सहभागिता की।

उल्लेखनीय है कि घटना के उपरांत दो दिनों तक अध्यापन कार्य ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया गया था, जिस कारण कॉलेज परिसर बंद रहा। बुधवार दोपहर बाद महाविद्यालय के बाहर छात्राओं का एकत्र होना प्रारंभ हुआ और सायंकाल बड़ी संख्या में एकजुट होकर निकटतम पिंक बूथ तक शांतिपूर्ण मार्च निकालकर छात्राओं ने अपना गहरा रोष प्रकट किया।

पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा पुख्ता करने की मांग

"नारी मुक्ति जिंदाबाद", "तानाशाही नहीं चलेगी" और "हमें चाहिए आजादी" जैसे नारों के साथ छात्राओं ने अपनी मांगें रखीं। इसके साथ ही हाथों में संदेश लिखे पोस्टर व तख्तियां लेकर छात्राओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। छात्राओं ने महाविद्यालय के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों, पिछले गेट और निकटवर्ती उद्यानों में स्थायी पुलिस बल तैनात करने की मांग उठाई है।

महाविद्यालय प्रशासन का आश्वासन और पुलिस के साथ बैठक

महाविद्यालय की प्राचार्या कनिका के. आहूजा ने जानकारी दी कि सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु कॉलेज प्रशासन ने संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और थाना प्रभारी (एसएचओ) के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है। इस वार्ता में छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाने और किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का विषय प्रमुखता से उठाया गया।

महाविद्यालय प्रशासन द्वारा स्थानीय अमर कॉलोनी थाना पुलिस को लिखित पत्र प्रेषित कर कॉलेज के आसपास की गलियों, विशेषकर पिछले गेट और निकटवर्ती पार्कों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। प्राचार्या ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि किसी भी समस्या या असुविधा की स्थिति में वे बिना किसी संकोच के संवाद करें; कॉलेज के संकाय सदस्य और परामर्शदाता (काउंसलर) उनकी सहायता हेतु सदैव उपलब्ध हैं।

दो दिवस ऑनलाइन अध्यापन के बाद ऑफलाइन कक्षाएं पुनः प्रारंभ

घटना की गंभीरता को देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत मंगलवार और बुधवार को कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया था। प्राचार्या ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही भौतिक कक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं।

छात्र संघ की ओर से भी महाविद्यालय से लेकर निकटतम बस स्टैंड एवं मेट्रो स्टेशन तक संपूर्ण मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई है। प्रशासन और छात्र संघ मिलकर परिसर को पूर्णतः सुरक्षित बनाने हेतु प्रयासरत हैं। गुरुवार से सभी कक्षाएं पुनः पूर्ववत ऑफलाइन माध्यम से प्रारंभ होंगी।