September 24, 2026

हिंदू राष्ट्र के संदेश के साथ 500 KM की यात्रा, बाबा बागेश्वर ने किया ऐलान

छतरपुर। प्रसिद्ध कथावाचक एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर भारत को 'हिंदू राष्ट्र' बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने आगामी शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर एक विशाल रथ यात्रा आयोजित करने का ऐलान किया है। पीठाधीश्वर के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य ध्येय सनातन धर्म के अनुयायियों को एकजुट करना तथा 'हिंदू राष्ट्र' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।

यात्रा का मार्ग एवं प्रमुख जिले

सनातन एकता और 'हिंदू राष्ट्र' के संकल्प को समर्पित यह रथ यात्रा 11 अक्टूबर से प्रारंभ होगी। इस आयोजन में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ विभिन्न संत-महात्मा, कई प्रमुख मंदिरों के महंत तथा कला व फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियां भी सहभागिता करेंगी। यह यात्रा मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के 5 प्रमुख जिलों—सागर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह और छतरपुर से होकर गुजरेगी।

5 दिनों में 500 किलोमीटर का सफर

लगभग 500 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को 5 दिनों की समयावधि में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यात्रा के दौरान चार स्थानों पर रात्रि विश्राम के पड़ाव होंगे, जहां सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और हवन-पूजन आयोजित किए जाएंगे। इन पड़ावों पर उपस्थित श्रद्धालुओं को 'हिंदू राष्ट्र' के संकल्प की शपथ भी दिलाई जाएगी।

प्रत्येक 20 किलोमीटर पर जनसभाएं

मार्ग में लगभग प्रत्येक 20 किलोमीटर की दूरी पर लघु सभाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके। उल्लेखनीय है कि इस बार यह यात्रा पैदल न होकर विशाल रथ के माध्यम से निकाली जाएगी। इससे पूर्व बागेश्वर धाम द्वारा दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा निकाली गई थी, जिसमें भारी जनसैलाब उमड़ा था।

यात्रा का शुभारंभ एवं समापन स्थल

यात्रा की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विरोधी दलों के कुछ नेताओं ने इस यात्रा के मूल ध्येय पर प्रश्न उठाए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, यह यात्रा बागेश्वर धाम (छतरपुर) से प्रारंभ होकर पन्ना जिले के अजयगढ़, अमानगंज और पवई क्षेत्रों से गुजरती हुई बुंदेलखंड के पांचों जिलों का भ्रमण करेगी। तत्पश्चात, यात्रा का औपचारिक समापन पुनः बागेश्वर धाम में ही होगा।

रथ यात्रा पर रोक लगाने की मांग

आजाद समाज पार्टी ने 22 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रेषित पत्र में इस रथ यात्रा की अनुमति रद्द करने की मांग की है। संगठन ने अपने पत्र में तर्क प्रस्तुत किया है कि भारत का संविधान देश को एक 'पंथनिरपेक्ष राष्ट्र' का दर्जा देता है, अतः धार्मिक आधार पर राष्ट्र की मांग करने वाले आयोजनों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।