October 19, 2026

16 में मोदी के सामने गाया भजन, 23 में भाजपा ने दिया टिकट; अनिल नागौरी की चुनावी एंट्री

नागौर। राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में नागौर जिला परिषद के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी ने वार्ड संख्या 37 से एक चौंकाने वाला और युवा चेहरा मैदान में उतारा है। पार्टी ने मात्र 23 वर्ष की आयु के प्रसिद्ध भजन गायक अनिल नागौरी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। धार्मिक कार्यक्रमों और भजनों के मंच से अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने वाले अनिल अब राजनीति के माध्यम से ग्रामीण अंचलों की सुप्त समस्याओं को मुखरता से उठाने और उनके स्थायी समाधान की बात कह रहे हैं। वर्ष 2019 में महज 16 साल की उम्र में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें अपना भजन सुनाने का गौरव हासिल करने वाले अनिल अब चुनावी मैदान में पूरी ऊर्जा के साथ उतर चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और संगीत के मंच से सियासत तक का सफर

अपने शुरुआती जीवन के संस्मरणों को साझा करते हुए अनिल नागौरी बताते हैं कि वर्ष 2019 में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट हुई थी, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के सम्मान में अपना रचित गीत ‘भारत का सच्चा चौकीदार’ प्रस्तुत किया था। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने न केवल उनका हौसला बढ़ाया बल्कि उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। बचपन से ही धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जनता के बीच अपनी पैठ बनाने वाले अनिल का कहना है कि उन्हें अपने पिता जसमत सिंह इंदलिया के राजनीतिक अनुभवों और मार्गदर्शन का पूरा लाभ मिल रहा है। उन्होंने महसूस किया कि कला के माध्यम से मिलने वाले स्नेह को अब जनसेवा और प्रशासनिक सुधारों के रूप में धरातल पर उतारने का सही समय आ गया है, जिसके चलते उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा है।

सड़क, शिक्षा, शुद्ध पेयजल और संचार व्यवस्था जैसे बुनियादी मुद्दे

चुनावी प्रचार के दौरान अनिल नागौरी पूरी तरह से ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को अपना मुख्य मुद्दा बना रहे हैं। जनसम्पर्क के दौरान उन्हें कई इलाकों में खस्ताहाल सड़कों का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण कई बार वाहनों को छोड़कर रेत के टीलों के बीच पैदल सफर करना पड़ता है। इसके अलावा, उन्होंने लाड़िया जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और कनेक्टिविटी के गंभीर संकट को भी प्रमुखता से उठाया है, जहाँ सिग्नल न मिलने के कारण डिजिटल सेवाओं और आपातकालीन संपर्क में भारी असुविधा होती है। उनका संकल्प है कि यदि ग्रामीण जनता उन्हें अपना आशीर्वाद देकर विजयी बनाती है, तो वे क्षेत्र में सड़क संपर्क सुधारने, हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने, आधुनिक शिक्षा के अवसर बढ़ाने और मोबाइल टावर लगवाने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे।

वार्ड 37 के समीकरण और एक युवा चेहरे के रूप में चुनौतियाँ

नागौर जिला परिषद के वार्ड संख्या 37 के अंतर्गत श्री बालाजी, ब्रह्मपुरी कर्मसोता, गोरेरा, सुरजाना, सेवड़ी, हनुमान नगर, सथेरण, पींपासर और छीला सहित कई ग्रामीण क्षेत्र आते हैं, जहाँ विकास की अपनी अलग और अनूठी मांगें हैं। भाजपा द्वारा एक युवा कलाकार को टिकट दिए जाने का निर्णय राजनीतिक हलकों में विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, मतदाताओं के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि सांस्कृतिक और भजनों की दुनिया में लोकप्रिय रहा यह युवा चेहरा अपनी कलात्मक पहचान को जमीनी राजनीति और वोटों के ध्रुवीकरण में किस हद तक तब्दील कर पाता है। अनिल नागौरी अपने संघर्षपूर्ण जीवन और निरंतर मेहनत के संदेश के साथ युवाओं को भी प्रेरित कर रहे हैं, जिससे इस सीट पर चुनावी मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है।