October 19, 2026

पाली में फैक्टरी अग्निकांड से चिंता बढ़ी, तीन मजदूर झुलसे; आग बुझाने में जुटीं दमकल की गाड़ियां

पाली। राजस्थान के औद्योगिक शहर पाली स्थित चतुर्थ चरण के औद्योगिक क्षेत्र में संचालित एक ग्वार गम विनिर्माण कारखाने में रविवार देर रात अचानक भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे के वक्त कारखाने में नाइट शिफ्ट के तहत सत्रह श्रमिक कार्यरत थे। शॉर्ट सर्किट के कारण भड़की इस भीषण आग की चपेट में आने से तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि दो अन्य श्रमिकों के कारखाने के भीतर ही फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और दमकल विभाग हरकत में आ गया तथा लंबी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

शॉर्ट सर्किट से फैली आग और घायलों की जद्दोजहद

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कारखाने के जिस हिस्से में रात के समय कामकाज चल रहा था, वहां अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग भड़क उठी और देखते ही देखते इसने विकराल रूप धारण कर लिया। परिसर में मौजूद सत्रह में से बारह मजदूर तो किसी तरह मुख्य द्वार से बाहर निकलने में सफल रहे, परंतु उन्नीस वर्षीय विक्की, चालीस वर्षीय अवधेश कुमार और अट्ठाइस वर्षीय राजू आग की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से झुलसे ये तीनों मजदूर किसी तरह बाहर की ओर भागे और सड़क पर पहुंचते ही अचेत होकर गिर पड़े। इस दौरान कारखाने के भीतर खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जलकर पूरी तरह खाक हो गई। राहगीरों व स्थानीय नागरिकों ने बिना देर किए अपनी निजी गाड़ियों से घायलों को स्थानीय बांगड़ अस्पताल पहुंचाया, जहाँ से उनकी अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत जोधपुर रेफर कर दिया गया।

आठ दमकल गाड़ियों की मदद से साढ़े चार घंटे में पाया गया काबू

हादसे की भीषणता को देखते हुए पाली के अलावा सोजत, रानी, फालना और सुमेरपुर से दमकल की कुल आठ गाड़ियों को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने करीब साढ़े चार घंटे तक लगातार पानी की बौछारें कर सोमवार तड़के चार बजे आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। गनीमत यह रही कि परिसर में रखे बड़े गैस सिलिंडरों तक आग नहीं पहुँची, अन्यथा एक बहुत बड़ा विस्फोफक हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी विमलेंद्र सिंह राणावत, वृताधिकारी मंगलेश चुण्डावत और औद्योगिक थाना पुलिस बल मौके पर पहुँच गया। राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए जेसीबी की मदद से कारखाने की दीवारों को तोड़ा गया, और अंदर फंसे दोनों लापता मजदूरों की तलाश के लिए मलबा हटाने का अभियान युद्धस्तर पर जारी है।