मॉस्को। रूस ने भारत को 1500 किमी रेंज की कालिब्र क्रूज मिसाइलों से लैस करने का प्रस्ताव दिया है। इसे स्टैंडर्ड 533 एमएम टॉरपीडो ट्यूब का इस्तेमाल करके भारतीय सबमरीन से फायर किया जा सकता है, जो उसे 1500 किमी की दूरी तक हमला करने की क्षमता प्रदान करेगी। रूसी अधिकारियों ने इस साल की शुरुआत में मॉस्को में भारतीय नौसेना के डेलीगेशन को इस बारे में जानकारी दी थी। इसमें प्लेटफॉर्म को बड़े बदलाव के बिना डीप-स्ट्राइक लैंड अटैक कैपेबिलिटी का वादा किया है। इसके साथ ही इसमें ब्रह्मोस और निर्भय-क्लास सिस्टम के साथ एक और ऑप्शन भी जोड़ा गया है। इस क्रूज मिसाइल से भारत की सबमरीन फ्लीट की फायरपावर में अहम बढ़ोतरी होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक कालिब्र की 1500 किमी की रेंज फारस की खाड़ी से लेकर मलक्का स्ट्रेट तक एक बड़े दायरे में अहम इकनॉमिक और मिलिट्री नोट्स को कवर करेगी। हालांकि, भारत के डीआरडीओ ने रूस के सात एनपीओएम के साथ मिलकर स्वदेशी एसएलसीएम को लंबे समय के लिए लक्ष्य बनाया है, लेकिन रक्षा एक्सपर्ट कालिब्र को कम जोखिम और ज्यादा असर वाली अंतरिम क्षमता के तौर पर देखते हैं, जो जरूरी समय और ऑपरेशनल अनुभव खरीदती है। रूस ने यूक्रेन में अपने मिलिट्री ऑपरेशन में कालिब्र मिसाइलों को बड़े पैमाने पर तैनात किया है। भारत ने रूस के साथ कालिब्र फैमिली की दूसरी मिसाइलों के लिए डील की है। इस साल फरवरी की शुरुआत में भारत ने रूस के साथ कालिब्र-पीएल एंटी-शिप क्रूज मिसाइल खरीदने के लिए समझौता किया था।

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