ग्राफिक और इंटीरियर डिजाइन इंडस्ट्री में बढ़ी भर्ती, स्किल्ड प्रोफेशनल्स की डिमांड हाई

आधुनिक कॉरपोरेट और कमर्शियल दुनिया में अब पारंपरिक डिग्रियों का चलन धीरे-धीरे कम हो रहा है, और इसकी जगह पूरी तरह से 'स्किल्स' (कौशल) ने ले ली है। वर्तमान समय में बाजार के रुख को देखें, तो क्रिएटिव और लीक से हटकर काम करने वाले युवाओं के लिए बेहतरीन मौके मौजूद हैं। विशेषकर ग्राफिक डिजाइनिंग और इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्रों में स्किल्ड और प्रोफेशनल प्रोफेशनल्स की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। इन क्षेत्रों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ करियर की शुरुआत करने के लिए आपको किसी बहुत बड़ी यूनिवर्सिटी की डिग्री या महंगे डिप्लोमा की अनिवार्य आवश्यकता नहीं होती है।

ग्राफिक डिजाइनिंग: विजुअल आर्ट का बढ़ता बाजार और नौकरियों की बहार

आज के डिजिटल युग में हर छोटे-बड़े बिजनेस और कॉर्पोरेट हाउस को अपनी पहचान बनाने के लिए क्रिएटिव ग्राफिक डिजाइनर्स की जरूरत पड़ रही है। चाहे किसी कंपनी के लिए 'ब्रांड आइडेंटिटी' तैयार करनी हो, आकर्षक 'लोगो' बनाना हो, या फिर प्रोफेशनल फोटोग्राफी और हाई-एंड वीडियो एडिटिंग जैसी विजुअल जरूरतें हों, ग्राफिक डिजाइनर्स हर जगह रीढ़ की हड्डी साबित हो रहे हैं।

इस फील्ड में कदम रखने के लिए किसी कड़े शैक्षणिक मापदंड की जरूरत नहीं होती। यदि आपके पास कलात्मक सोच है और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर पर आपकी पकड़ मजबूत है, तो आप किसी अच्छे संस्थान या लाइव प्रोजेक्ट पर इंटर्नशिप करके सीधे व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर सकते हैं। अनुभव बढ़ने के साथ ही इस क्षेत्र में अभ्यर्थियों को बेहद आकर्षक और मोटा सैलरी पैकेज ऑफर किया जाता है।

इंटीरियर डिजाइनिंग: 12वीं के बाद सीधे शुरू करें अपना सफर

घरों, दफ्तरों और व्यावसायिक जगहों को खूबसूरत तथा कम जगह में ज्यादा उपयोगी बनाने की कला, यानी इंटीरियर डिजाइनिंग में भी युवाओं के पास आगे बढ़ने का सुनहरा मौका है। इस शानदार फील्ड में नाम और दाम कमाने के लिए भी किसी लंबी चौड़ी डिग्री की बाध्यता नहीं है।

जो भी छात्र इस रचनात्मक क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, वे विज्ञान विषय (Science Stream) से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे इंटीरियर डिजाइनिंग के शॉर्ट-टर्म या कस्टमाइज्ड कोर्सेज में दाखिला ले सकते हैं। इन कोर्सेज के माध्यम से थ्योरी और प्रैक्टिकल की बारीकियां सीखने के बाद, किसी स्थापित आर्किटेक्ट या डिजाइनिंग फर्म के साथ इंटर्नशिप करना सबसे फायदेमंद होता है। इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाला व्यावहारिक अनुभव युवाओं को सीधे एक सफल प्रोफेशनल या स्वतंत्र फ्रीलांसर के रूप में स्थापित होने में मदद करता है।