देश की रक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) से एक बेहद शानदार खबर आई है। डीआरडीओ के अधीन काम करने वाले प्रतिष्ठित संस्थान 'इलेक्ट्रॉनिक्स एंड रडार डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट' (LRDE), बेंगलुरू ने विभिन्न तकनीकी शाखाओं के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह अनूठा कार्यक्रम इंजीनियरिंग और विज्ञान संकाय के प्रतिभावान छात्रों को देश के रक्षा क्षेत्र में हो रहे अत्याधुनिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) प्रोजेक्ट्स से सीधे जुड़ने और सीखने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। संस्थान ने इस कार्यक्रम के लिए कुल 75 सीटें (रिक्तियां) निर्धारित की हैं।
पदों का शाखावार विवरण और स्टाइपेंड की जानकारी
संस्थान द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, अलग-अलग इंजीनियरिंग स्ट्रीम के लिए सीटों का बंटवारा इस प्रकार किया गया है:
-
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन: 35 पद
-
कंप्यूटर साइंस: 20 पद
-
मैकेनिकल इंजीनियरिंग: 10 पद
-
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: 08 पद
-
सिविल इंजीनियरिंग: 02 पद
छह महीने का होगा प्रशिक्षण: इस प्रोग्राम के लिए चुने गए अभ्यर्थियों की इंटर्नशिप की अवधि 6 महीने की होगी। इस दौरान छात्रों को प्रोत्साहन के रूप में प्रति माह 5,000 रुपये का स्टाइपेंड (वजीफा) दिया जाएगा। कुल 30,000 रुपये की यह राशि दो बराबर किस्तों में मिलेगी— पहली किस्त शुरुआती तीन महीने पूरे होने पर और दूसरी किस्त इंटर्नशिप को सफलतापूर्वक समाप्त करने के बाद छात्र के खाते में भेजी जाएगी।
आवेदन के लिए क्या है जरूरी योग्यता?
इस प्रतिष्ठित इंटर्नशिप कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए केवल भारतीय नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा शैक्षणिक मापदंड निम्नलिखित हैं:
-
बीई / बीटेक: अंतिम वर्ष के ऐसे छात्र जिन्होंने न्यूनतम छठे सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा दे दी हो, वे इसके पात्र हैं।
-
एमई / एमटेक और एमएससी: अंतिम वर्ष के ऐसे छात्र जो अपने दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल हो चुके हैं, वे भी फॉर्म भर सकते हैं।
-
अंकों की अनिवार्यता: आवेदन करने के समय तक छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड में कम से कम 70 प्रतिशत अंक या उसके समकक्ष ग्रेड होना अनिवार्य है।
रडार से लेकर एआई (AI) प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका
इस इंटर्नशिप के दौरान चयनित छात्रों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों पर लाइव काम करने का अनुभव मिलेगा। इनमें मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, रडार टेक्नोलॉजी, सिग्नल प्रोसेसिंग, एफपीजीए, एम्बेडेड सिस्टम, पावर सिस्टम और मैकेनिकल डिजाइनिंग जैसे एडवांस्ड और संवेदनशील तकनीकी क्षेत्रों के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
संस्थान के जरिए ही स्वीकार होंगे आवेदन
इच्छुक उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि वे इसके लिए सीधे तौर पर (इंडिविजुअल) आवेदन नहीं भेज सकते। छात्रों को निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन पत्र पूरी तरह भरकर अपने संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय के माध्यम से ही भेजना होगा।
आवेदन फॉर्म के साथ कॉलेज के प्रिंसिपल या विभागाध्यक्ष द्वारा जारी अनुशंसा पत्र (रिकमेंडेशन लेटर), सभी सेमेस्टर्स की अंकसूचियों (मार्क्सशीट) की स्व-प्रमाणित कॉपियां, कॉलेज का वैध पहचान पत्र और पहचान व निवास के प्रामाणिक दस्तावेजों (जैसे पहचान पत्र [Aadhaar Redacted] आदि) की प्रति संलग्न करना अनिवार्य है। अधूरे या सीधे भेजे गए आवेदनों को बिना किसी सूचना के निरस्त कर दिया जाएगा।

More Stories
शिक्षण पेशे के इच्छुक युवाओं के लिए खुशखबरी, DU में गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती
स्वास्थ्य सेवाओं में होम्योपैथिक चिकित्सकों की बढ़ती भूमिका, करियर के बेहतर अवसर
शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते अवसर, ट्यूशन और कोचिंग से युवाओं को मिल रही पहचान