गर्मियों की आहट के साथ ही बाजारों में कच्चे आम (कैरी) की खुशबू महकने लगती है। इसके साथ ही भारतीय घरों में पारंपरिक तरीके से आम का अचार डालने की तैयारियां भी जोर-पड़ लेती हैं। हमारी रसोई में आम का अचार महज एक व्यंजन नहीं, बल्कि देश की समृद्ध खानपान परंपरा और स्वाद का एक अहम हिस्सा है। दोपहर का सादा दाल-चावल हो, सुबह का गरमा-गरम पराठा या फिर साधारण पूरी-सब्जी, थाली में आम के अचार का एक टुकड़ा शामिल होते ही पूरे भोजन का जायका दोगुना हो जाता है।आज के इस दौर में लोग समय बचाने के लिए बाजार से डिब्बाबंद अचार खरीद लेते हैं, लेकिन घर के बने पारंपरिक अचार के स्वाद, सोंधेपन और शुद्धता का कोई मुकाबला नहीं है। कई लोग इसे बनाने की प्रक्रिया को बहुत पेचीदा समझते हैं, जबकि हकीकत में सही अनुपात और आसान तरीकों को अपनाकर इसे घर पर बेहद सरलता से तैयार किया जा सकता है।
अचार बनाने की आवश्यक सामग्री और आम काटने का सही तरीका
एक बेहतरीन और स्वादिष्ट अचार तैयार करने के लिए सबसे पहले बाजार से एकदम ताजे, कड़े और गूदेदार कच्चे आमों का चुनाव करें। इसके अलावा आपको निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होगी:
- शुद्ध सरसों का तेल
- नमक और हल्दी पाउडर
- तीखी व कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
- सौंफ, मेथी दाना, कलौंजी (मंगरेला) और पीली या काली राई (सरसों के दाने)
तैयारी के दौरान बरतें ये सावधानी:
कच्चे आमों को काटने से पहले उन्हें पानी में अच्छी तरह धो लें और फिर किसी साफ सूती कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रहे कि आमों में रत्ती भर भी नमी (पानी) नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि नमी के कारण अचार बहुत जल्दी काले पड़ जाते हैं या उनमें फंगस लग जाती है। इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार छोटे या मध्यम टुकड़ों में आम को काट लें।
पारंपरिक विधि: ऐसे तैयार करें आम का तीखा और चटपटा अचार
- पहला चरण: सबसे पहले कटे हुए आम के टुकड़ों को एक बड़े और सूखे बर्तन में डालें। अब इसमें आवश्यकतानुसार नमक और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और कुछ घंटों या एक रात के लिए ढककर छोड़ दें। इससे आम का अतिरिक्त पानी निकल जाता है।
- दूसरा चरण: अब मेथी, सौंफ और राई को हल्का सा भूनकर दरदरा पीस लें। इस तैयार मसाले को कलौंजी और लाल मिर्च पाउडर के साथ आम के टुकड़ों में डाल दें।
- तीसरा चरण: एक अलग पैन में सरसों के तेल को धुआं उठने तक अच्छी तरह गर्म करें और फिर उसे पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इस तेल को आम और मसालों के मिश्रण में डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।
- चौथा चरण: तैयार अचार को कांच या चीनी मिट्टी के एक साफ और सूखे मर्तबान (जार) में सुरक्षित भर दें।
धूप दिखाने का महत्व और सालों-साल सुरक्षित रखने के सीक्रेट टिप्स
- धूप दिखाना क्यों जरूरी: जार में अचार भरने के बाद उसके मुंह पर एक साफ सूती कपड़ा बांधकर उसे कम से कम 3 से 4 दिनों तक रोजाना तेज धूप में रखें। दोपहर के वक्त एक सूखे और साफ चम्मच से अचार को ऊपर-नीचे चलाएं। धूप लगने से मसाले पूरी तरह पक जाते हैं, आम के टुकड़े गलते हैं और अचार की रंगत व खुशबू खिलकर बाहर आती है।
- सालों-साल चलाने की ट्रिक: यदि आप चाहते हैं कि आपका बनाया अचार सालों-साल खराब न हो और उसका स्वाद बरकरार रहे, तो कुछ नियमों का पालन करें। कभी भी अचार निकालने के लिए गीले हाथ या नमी वाले चम्मच का इस्तेमाल न करें।
- तेल का सही स्तर: जार में सरसों का तेल हमेशा आम के टुकड़ों के ऊपर तक भरा होना चाहिए। तेल और नमक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव (सुरक्षा कवच) का काम करते हैं, जो अचार को फंगस से बचाते हैं और उसे लंबे समय तक ताजा रखते हैं।

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