नई दिल्ली । देश में दालों की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में दालों का आयात 34 प्रतिशत घटकर 3.63 अरब डॉलर रह गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 5.54 अरब डॉलर था। आयात में कमी के कारण आने वाले महीनों में दालों की कीमतों में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार मसूर और पीली मटर के आयात में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। मसूर दाल के आयात में करीब 6 प्रतिशत और पीली मटर में 47 प्रतिशत तक कमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू उत्पादन में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई तो बाजार में दालों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
इस बार मानसून और फसल उत्पादन को लेकर भी चिंता बनी हुई है। यदि उत्पादन कमजोर रहा तो सरकार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। हालांकि सरकार के पास फिलहाल बफर स्टॉक मौजूद है, लेकिन लगातार घटते आयात के चलते खुदरा बाजार में दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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