September 11, 2026

7.8% ग्रोथ के साथ भारत की चमक, ब्रिक्स मंच पर क्यों बढ़ा देश का कद?

नई दिल्ली| वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों के बीच नई दिल्ली में आयोजित 'ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026' में भारत की सुदृढ़ आर्थिक स्थिति और रणनीतिक प्रभाव का स्पष्ट प्रदर्शन हुआ। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर आयोजित इस महत्वपूर्ण फोरम में उद्योग जगत के दिग्गजों ने रेखांकित किया कि 1 ट्रिलियन डॉलर के अंतर-समूह व्यापार और 7.8% की जीडीपी विकास दर के साथ भारत अब वैश्विक आर्थिक व्यवस्था का प्रमुख आधार स्तंभ बन चुका है।

'ब्रिक्स+' ढांचा और ग्लोबल साउथ के लिए नए अवसर

11-सदस्यीय विस्तारित 'ब्रिक्स+' व्यवस्था के तहत यह मंच अब दुनिया की विशाल आबादी और अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व कर रहा है। एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स वेलफेयर (इंडिया) के उपाध्यक्ष अनुपम वोहरा के अनुसार, इस सम्मेलन में लगभग 17-18 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भाग ले रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स+ ढांचा अब ग्लोबल साउथ की लगभग 60% आबादी को समाहित करता है। वैश्विक मंदी और संघर्षों के दौर में भी भारत का सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहना एक वैकल्पिक और मजबूत आर्थिक मॉडल प्रस्तुत करता है।

तकनीकी नवाचार और संतुलित व्यापार पर उद्योग जगत का ध्यान

एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा ने बताया कि समूह के विस्तार से सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सहयोग की अभूतपूर्व संभावनाएं खुली हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार में तटस्थता और संतुलन बनाए रखना प्रत्येक राष्ट्र के लिए दीर्घकालिक लाभ का सौदा है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि केवल व्यापारिक उद्देश्य से शुरू हुआ यह समूह अब भू-राजनीति, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और कृषि विकास जैसे बहुआयामी क्षेत्रों में भी निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

एमएसएमई सशक्तिकरण और नेट-जीरो ऊर्जा लक्ष्य पर जोर

फोरम में भारतीय औद्योगिक प्रतिनिधियों ने रोजगार सृजन और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर विशेष जोर दिया:

  • दोहरे अंकों की विकास दर का लक्ष्य: डावर फुटवियर इंडस्ट्रीज के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्तमान 7.8% की विकास दर को दोहरे अंकों में ले जाना और देश को पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाना है।

  • अक्षय ऊर्जा व ग्रामीण विकास: रिवील एनर्जी के प्रबंध निदेशक रोहित देव ने रेखांकित किया कि भारत का नेट-जीरो लक्ष्य विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, बायोफ्यूल्स (जैव ईंधन) को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने से सीधा जुड़ा हुआ है।

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भावी रोडमैप

12-13 सितंबर को भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक नीतिगत दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। ब्रिक्स बिजनेस फोरम द्वारा व्यापार, वित्त, डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैल्यू चेन एकीकरण पर तैयार की गई सिफारिशों को सीधे शिखर सम्मेलन के आधिकारिक घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा, जो आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक स्थिरता और निवेश का नया रोडमैप तैयार करेंगी।