रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा से जुड़े मेधा घोटाले के तार खंगालने के लिए सीआईडी की विशेष टीमों ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच एजेंसी द्वारा झारखंड के विभिन्न जनपदों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से संबंधित कुल 15 महत्वपूर्ण ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है। सीआईडी की अलग-अलग टीमों ने राज्य की राजधानी रांची के अलावा पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद जैसे प्रमुख जिलों में संदिग्धों के परिसरों पर दबिश दी है। इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से घोटाले से जुड़े संदिग्धों और प्रशासनिक व परीक्षा से संबंधित हलकों में हड़कंप मच गया है।
परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी और बिचौलियों के ठिकानों पर केंद्रित है जांच, दस्तावेज खंगाल रही टीम
सीआईडी द्वारा की जा रही यह व्यापक छापेमारी मुख्य रूप से जेपीएससी परीक्षा के आयोजन में संलिप्त रही एजेंसी 'टीडीपीएल' के दफ्तरों, अधिकारियों तथा परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले दलालों व बिचौलियों के परिसरों पर केंद्रित है। जांच एजेंसी की टीमें सभी ठिकानों पर मौजूद डिजिटल साक्ष्यों, हार्ड डिस्क, बैंक खातों के विवरण और परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कागजातों की बारीकी से जांच कर रही हैं। शुरुआती पड़ताल के दौरान कई संदिग्धों के आवासों और कार्यालयों से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए जाने की सूचना है, जिनकी विस्तृत छानबीन जारी है।
सघन गोपनीय पड़ताल के बाद सीआईडी ने तैयार किया खाका, कई दिनों की रेकी के बाद शुरू हुआ एक्शन
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सीआईडी पिछले कई दिनों से इस पूरे घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थी। गुप्त सूचनाओं और साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी की तकनीकी व खुफिया टीम ने सघन जांच पड़ताल की थी, जिसके दौरान इन सभी 15 ठिकानों और उनसे जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों की सटीक जानकारी जुटाई गई। पूरी रणनीति तय करने और सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद ही जांच एजेंसी ने एक साथ सभी निर्धारित स्थानों पर समन्वित तरीके से छापेमारी करने का निर्णय लिया ताकि संदिग्धों को संभलने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का अवसर न मिल सके।
मामले में बड़े खुलासों की संभावना, सीआईडी की कार्रवाई से परीक्षा से जुड़े गिरोहों में मचा हड़कंप
जेपीएससी मेधा घोटाले की इस ताजा और कड़ी कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों और प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। परीक्षा एजेंसी और बिचौलियों के बीच के साठगांठ की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस बड़े नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा हो सकेगा। सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं और विभिन्न ठिकानों से प्राप्त हो रही जानकारियों को संकलित किया जा रहा है। जांच पूरी होने के पश्चात घोटाले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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