मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के 'सत्ता परिवर्तन' वाले बयान पर पार्टी की नेति प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सत्ता का बदलाव एक बेहद सामान्य बात है और विपक्ष का यह स्वाभाविक लक्ष्य भी होता है, लेकिन यह परिवर्तन स्वतंत्र चुनाव आयोग, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और जनता के वास्तविक जनादेश के जरिए होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत भाजपा की कार्यशैली में पार्टियों को तोड़ना और चुनाव चिन्हों पर कब्जा करना शामिल है, जो कि पूरी तरह गलत है।
इसके अलावा, उद्धव ठाकरे द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दी गई उस चुनौती पर जिसमें उन्होंने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की साबरमती जेल से मुंबई लाने की बात कही थी, प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जब तक वह उस जेल में बंद है, तब तक अन्य राज्यों की पुलिस न तो उससे पूछताछ कर सकती है और न ही उसे हिरासत में ले सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि उसे किस तरह की सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है कि वह जेल के भीतर से ही अपना सिंडिकेट चला रहा है और बॉलीवुड हस्तियों को निशाना बना रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई पुलिस को उसे मुंबई लाने की दिशा में ठोस प्रयास करने चाहिए।

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