मुंबई। अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश की मूर्तियों के विसर्जन हेतु सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं। विसर्जन चल समारोहों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने हेतु शहर भर में 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने हेतु 25 हजार से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
14 सितंबर से प्रारंभ हुए गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर हो रहा है। इस दौरान विशाल जुलूसों के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न कराया जाएगा। नगर निगम ने इसके लिए 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों एवं 383 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की है।
संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती
यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा हेतु व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जोगेश्वरी-विखरोली लिंक रोड (जेवीएलआर), लालबाग तथा कालाचौकी सहित अनेक प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत रैपिड एक्शन फोर्स, स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स, फोर्स वन, क्विक रिस्पॉन्स टीम, दंगा नियंत्रण दल तथा एंटी-ड्रोन दस्तों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात किया गया है।
जेवीएलआर पर नो-पार्किंग एवं भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित
यातायात पुलिस ने नागरिकों से ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 100 एवं 112 उपलब्ध हैं।
यातायात विभाग ने जेवीएलआर पर एलएंडटी फ्लाईओवर से आईआईटी मार्केट गेट तक नो-पार्किंग लागू की है। इसके अतिरिक्त जेवीएलआर के दोनों मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः बंद रहेगा। ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तथा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से आने वाले भारी वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा।
लालबाग और कालाचौकी में यातायात प्रतिबंध
मध्य मुंबई के लालबाग और कालाचौकी क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर 24 घंटे पार्किंग प्रतिबंध लागू किया गया है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर मार्ग के दक्षिण एवं उत्तर दोनों दिशाओं वाले हिस्सों में निर्धारित जंक्शनों के मध्य वाहनों की पार्किंग पर पूर्ण रोक रहेगी।
बीएमसी द्वारा 25 हजार से अधिक कर्मियों की तैनाती
बीएमसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विसर्जन स्थलों पर 1,132 गोताखोर (लाइफगार्ड) तैनात किए गए हैं। सुरक्षा एवं निगरानी के लिए 6,052 फ्लडलाइट व सर्चलाइट लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त 85 एम्बुलेंस तथा 10 मोटरबोट आपात स्थिति हेतु तैयार रखी गई हैं।
भीड़ प्रबंधन हेतु 261 स्वागत केंद्र, 228 नियंत्रण कक्ष और 75 ऑब्जर्वेशन टावर निर्मित किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 489 अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है।
समुद्री तटों पर विसर्जन हेतु विशेष सावधानी की अपील
प्रशासन ने समुद्र में प्रतिमा विसर्जन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का परामर्श दिया है। तटों के समीप 'ब्लू बटन जेलीफिश' तथा 'स्टिंगरे' की उपस्थिति को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अब तक विभिन्न अवधियों के अंतर्गत 1,63,386 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है।
छह फीट तक की प्रतिमाओं हेतु कृत्रिम तालाब अनिवार्य
न्यायालयीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप छह फीट तक की गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में ही किया जाना अनिवार्य है। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि 387 कृत्रिम तालाबों एवं 67 प्राकृतिक स्थलों पर सभी सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क हैं और नागरिकों से इन सेवाओं के लिए किसी को भी भुगतान न करने का आग्रह किया गया है।

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