September 13, 2026

Pradeep Agrawal बाबा से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे, तभी हुआ विवाद

भिंड|मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बेरछा गांव में आशीर्वाद लेने पहुंचे बीजेपी विधायक की जमकर पिटाई हो गई. लेकिन विधायक को किसी और ने नहीं, बल्कि उसी बाबा ने पीट दिया, जिसका आशीर्वाद लेने वे गए थे. बीजेपी विधायक प्रदीप अग्रवाल बाबा सीताराम महाराज का आशीर्वाद लेने के लिए गए थे, तभी बाबा को अचानक गुस्सा आ गया और उन्होंने विधायक को कई मुक्के मारे और धक्का भी दे दिया. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया है. जिस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है|

विधायक की लाई फूलों की माला भी फेंकी

पूरा मामला भिंड जिले के बेरछा गांव का है. यहां भगवत कथा का आयोजन किया गया था. इस दौरान सेवढ़ा से बीजेपी विधायक प्रदीप अग्रवाल बाबा सीताराम महाराज का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे. विधायक ने बाबा को सम्मानित करते हुए माला पहनाई. पहले तो बाबा कुछ नहीं बोले, लेकिन तभी अचानक बाबा को गुस्सा आ गया और उन्होंने विधायक की पीठ पर मुक्के मारने शुरू कर दिए. इसके विधायक को हटाते हुए बाबा ने धक्का भी दे दिया. इतना ही नहीं विधायक ने जो माला बाबा को पहनाई थी, उन्होंने वह माला भी फेंक दी|

सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया

संत सीताराम के बीजेपी विधायक प्रदीप अग्रवाल को मुक्के मारने का वीडियो 3-4 दिन पुराना बताया जा रहा है. वहीं वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि राजनेता भ्रष्टाचार करते हैं, इसलिए बाबा को गुस्सा आ गया. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ये बाबा का आशीर्वाद देने का तरीका है. घबराने की बात नहीं है|

माउजर लहराते दिखाई देते हैं बाबा

दरअसल भिंड जिले में श्रीराम-जानकी और हनुमान जी का मंदिर है. यह मंदिर रसनौल गांव में है, इस मंदिर को बाबा मस्तराम मंदिर भी कहा जाता है. पहले इस मंदिर जो सेवा करते थे, उनका नाम मस्तराम था. उन्हें मस्तराम कहने की कहना भी दिलचस्प है. वो कभी भी हंसने लगते थे, कभी भी गुस्सा हो जाते थे. बाबा मस्तराम के बाद उनके सेवक सीताराम महाराज मंदिर की देखरेख करने लगे. लोग बताते हैं कि सीताराम महाराज भी अपने गुरु की तरह ही हरकत करते हैं. एकदम से हंसने लगते हैं और कभी-कभी आशीर्वाद लेने आए भक्तों को पीटने लगते हैं|

बता दें कि संत सीताराम महाराज हथियार रखने के शौकीन हैं. बाबा के पास एक माउजर है. अक्सर संत सीताराम माउजर को लहराते हुए दिखाई देते हैं|