लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के खिलाफ बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से मुक्त कर दिया है। पिछले तीन वर्षों के दौरान यह तीसरा अवसर है जब बसपा प्रमुख ने आकाश से महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियां वापस ली हैं।
अपरिपक्वता और विवादित बयान बने मुख्य कारण
लखनऊ में आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को राजनीतिक रूप से परिपक्व होने के लिए अभी और समय की आवश्यकता है:
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राजनैतिक रणनीति की कमी: बसपा प्रमुख के अनुसार, आगामी चुनावों के मद्देनजर विरोधियों के राजनीतिक हथकंडों से निपटने के लिए आकाश अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
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विवादित भाषण: आकाश द्वारा हालिया चुनावी रैलियों में दिए गए आक्रामक व विवादित बयानों को इस कार्रवाई का मुख्य आधार माना जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और आरक्षण विरोधी नीतियों पर तीखे हमले बोले थे।
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संगठनात्मक नाराजगी: पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणियों और महत्वपूर्ण बैठकों से अनुपस्थिति के कारण भी संगठन के भीतर उनके प्रति असंतोष बढ़ रहा था।
ईशान आनंद की सक्रियता से बढ़ीं सियासी सरगर्मियां
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद अपने पिता व पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के साथ उपस्थित रहे। विदेश में शिक्षा प्राप्त करने वाले ईशान की बैठक में मौजूदगी के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि मायावती जल्द ही उन्हें पार्टी में कोई महत्वपूर्ण भूमिका सौंप सकती हैं।
'बहुजन हित सर्वोपरि, कोई अपना-पराया नहीं'
बैठक में मायावती ने पार्टी संस्थापक मान्यवर कांशीराम के संघर्षों का स्मरण कराते हुए कहा कि बहुजन समाज का कल्याण ही उनका एकमात्र मिशनरी लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए उनका कोई अपना या पराया नहीं है। उन्होंने दोहराया कि कांशीराम के सिद्धांतों का पालन करते हुए बसपा और बहुजन समाज के हित में कार्य करने वालों को ही संगठन में प्राथमिकता दी जाएगी।
आकाश आनंद का बसपा में अब तक का राजनीतिक घटनाक्रम
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10 दिसंबर 2023: मायावती ने आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी और नेशनल को-ऑर्डिनेटर घोषित किया।
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07 मई 2024: लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित बयानों के बाद उन्हें अपरिपक्व बताते हुए सभी पदों से हटाया गया।
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23 जून 2024: 47 दिनों के पश्चात पुन: उत्तराधिकारी और नेशनल को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई।
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02-03 मार्च 2025: अनुशासनहीनता के आरोप में सभी पदों से हटाते हुए पार्टी से निष्कासित किया गया।
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13 अप्रैल 2025: माफी मांगने पर निष्कासन रद्द हुआ, हालांकि उत्तराधिकारी बनाने से इनकार किया गया।
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18 मई 2025: मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक (Chief National Coordinator) के पद पर पुनः नियुक्ति की गई।
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29 अगस्त 2025: संगठन में नया पद सृजित कर राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे अब उन्हें पुनः मुक्त कर दिया गया है।

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