नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे भू-राजनीतिक संकट के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को ईंधन की आपूर्ति को लेकर आश्वस्त किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है।
इस महत्वपूर्ण जानकारी के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति
- सामान्य उपलब्धता: पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, देश के किसी भी हिस्से से गैस खत्म होने या 'ड्राई-आउट' की कोई खबर नहीं है। रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं।
- ऑटो एलपीजी की मांग में उछाल: आंकड़ों के अनुसार, ऑटो एलपीजी की दैनिक बिक्री में भारी वृद्धि हुई है। फरवरी के 177 टन के मुकाबले अप्रैल में यह बढ़कर 296 टन प्रतिदिन हो गई है। इसका सबसे अधिक असर कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा जा रहा है।
- रणनीतिक कदम: सरकार अब एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के नेटवर्क को तेजी से फैलाने पर ध्यान दे रही है।
समुद्री सुरक्षा और नाविकों का हाल
- भारतीय नाविक सुरक्षित: शिपिंग मंत्रालय ने जानकारी दी है कि तनावग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद सभी भारतीय नाविक और जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
- बंदरगाहों का संचालन: देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर परिचालन सामान्य है और माल की आवाजाही में कोई बाधा नहीं आ रही है।
सरकार की अपील
प्रशासन ने जनता से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और ईंधन की 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) न करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कच्चे तेल का स्टॉक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है।

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