नई दिल्ली। आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के दृष्टिगत दिल्ली सरकार ने एक अभूतपूर्व और संवेदनशीलता से भरी मानवीय पहल की है। सरकार ने न केवल परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों बल्कि उनके साथ केंद्रों तक आने वाले माता-पिता और अभिभावकों की सुविधा के लिए भी विशेष इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अनूठी योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब परीक्षा केंद्रों के बाहर परिजनों के विश्राम के लिए विशेष 'कूलिंग जोन' स्थापित किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर भीषण गर्मी से बचाव के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था, शीतल पेयजल और शिकंजी जैसी आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
97 परीक्षा केंद्रों के बाहर विशेष विश्राम स्थल
मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली में नीट परीक्षा के सफल संचालन के लिए कुल 97 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें से 69 केंद्र राज्य सरकार के अधीन आने वाले विद्यालयों में और 28 केंद्र केंद्रीय विद्यालयों में बनाए गए हैं। जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन सभी 97 परीक्षा केंद्रों के निकटवर्ती क्षेत्रों में त्वरित प्रभाव से वातानुकूलित या छायादार कूलिंग जोन तैयार करें। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उन अभिभावकों को राहत देना है जो अपने बच्चों को परीक्षा दिलाने लाते हैं और प्रवेश द्वार बंद होने के बाद कई घंटों तक बाहर इंतजार करते हैं।
भीषण गर्मी और धूप से बेहाल होने वाले परिजनों को बड़ी राहत
इस नीति के मानवीय दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि हर साल लाखों माता-पिता अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की उम्मीद लिए परीक्षा केंद्रों पर आते हैं। अक्सर परीक्षार्थी तो परीक्षा हॉल के भीतर चले जाते हैं, लेकिन बाहर चिलचिलाती धूप और उमस में कई घंटों तक खड़े रहने वाले परिजनों की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। पूर्व के वर्षों में लोग कभी पेड़ों की छांव ढूंढते, कभी पार्कों में समय काटते तो कभी स्थानीय बाजारों में भटकने को मजबूर होते थे। अब इस समस्या के स्थायी समाधान के रूप में डिविजनल कमिश्नर के दिशा-निर्देश पर इन कूलिंग जोनों में बैठने की कुर्सियां, ओआरएस (ORS) के घोल, चाय, शिकंजी और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) की दवाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।
विद्यार्थियों के मानसिक मनोबल और राहत कार्यों पर सकारात्मक प्रभाव
प्रशासन का मानना है कि जब परीक्षा केंद्र के बाहर का माहौल शांतिपूर्ण और उनके माता-पिता सुरक्षित व सहज रहेंगे, तो इसका सीधा सकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन और आत्मविश्वास पर भी पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा इस परीक्षा से इतर भी आम नागरिकों को भीषण गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर लोक कल्याणकारी प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में राजधानी के विभिन्न व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में 85 विशेष शेड लगाए गए हैं, 15 स्थायी कूलिंग जोन पहले से ही सुचारू रूप से संचालित हैं और 13 मोबाइल हीट रिलीफ वैन (राहत गाड़ियां) निरंतर सड़कों पर भ्रमण कर जरूरतमंदों को लू के थपेड़ों से बचाने में जुटी हुई हैं।

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