‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ से कांपा घुसपैठियों का नेटवर्क: गुजरात में 500 से ज्यादा अवैध बांग्लादेशी हिरासत में, पुलिस का महा-अभियान

गांधीनगर | गुजरात पुलिस ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत चलाए गए एक बड़े सामूहिक अभियान में पुलिस ने 501 संदिग्धों को अपनी कस्टडी में लिया है। पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक ही समय पर राज्य के विभिन्न जिलों में एक साथ शुरू की गई थी। इस पूरी तरह से योजनाबद्ध एक्शन का मुख्य उद्देश्य बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे विदेशी नागरिकों का पता लगाना और उनकी असलियत की जांच करना था। खुफिया इनपुट के आधार पर विशेष टीमों ने चिन्हित बस्तियों, फैक्ट्रियों, लेबर कॉलोनियों और संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिला पुलिस बल के साथ-साथ क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीमों को भी मैदान में उतारा गया था।

हजारों संदिग्धों की हुई जांच, गृह मंत्री ने बताया खुफिया सूचना आधारित मिशन

इस विशेष अभियान के शुरुआती दौर में पुलिस टीमों ने राज्य भर में हजारों संदिग्ध व्यक्तियों के पहचान पत्रों की जांच की थी, जिसमें से प्राथमिक तौर पर संदिग्ध पाए गए सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। गुजरात के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस पुलिसिया एक्शन की सराहना करते हुए इसे पूरी तरह से खुफिया जानकारियों पर आधारित एक सफल मिशन बताया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में पुलिस की अलग-अलग शाखाओं ने बेहतरीन तालमेल के साथ काम किया। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों का मुख्य मकसद बिना किसी लीगल डाक्यूमेंट्स के रह रहे लोगों को ढूंढ निकालना और उन्हें जाली दस्तावेज, अवैध शरण तथा रोजगार मुहैया कराने वाले संगठित सिंडिकेट व मददगार नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है।

पहचान पत्रों की गहन जांच, निशाने पर आया फर्जी दस्तावेज बनाने वाला गिरोह

अभियान के पिछले दौर में भी पुलिस ने संदिग्धों के पास से मिले पहचान से जुड़े दस्तावेजों की बेहद बारीक और तकनीकी जांच की थी। इस जांच-पड़ताल में यह बात खुलकर सामने आई कि कुछ मामलों में धोखे से तैयार किए गए या जाली राष्ट्रीय पहचान पत्रों का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस की तफ्तीश का दायरा उन स्थानीय लोगों और ठगों के गिरोह तक भी पहुंच गया है, जो मोटी रकम लेकर इन अवैध निवासियों को भारतीय दस्तावेज मुहैया कराने के धंधे में शामिल हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों को खंगालने में जुटी है।

महानगरों में बड़े पैमाने पर छापेमारी, सत्यापन के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

अधिकारियों ने इस बात के भी पुख्ता संकेत दिए हैं कि हिरासत में लिए गए सभी 501 लोगों के दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के साथ-साथ उनसे जुड़े अन्य संदिग्धों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के पिछले चरणों में भी अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में व्यापक स्तर पर धरपकड़ की गई थी। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि वर्तमान में पकड़े गए लोगों का जिला-वार पूरा डेटा तैयार किया जा रहा है और कागजी छानबीन पूरी होते ही इन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, बिना अनुमति सीमा लांघकर देश में छिपकर रहने वाले ऐसे लोग देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं।