नई दिल्ली | दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मल्टी लेवल मार्केटिंग और निवेश के बहाने लोगों से 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी अंकुर ज्योति सैकिया को गिरफ्तार कर लिया है। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिसके चलते अदालत ने इसी साल मार्च में उसे भगौड़ा भी घोषित कर दिया था।
आकर्षक मुनाफे और कमीशन का झांसा
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी ने 'राजमुद्रा फ्यूचर निधि लिमिटेड' नाम की एक फर्जी कंपनी बनाई थी। वह लोगों को इस कंपनी में पैसे लगाने के बदले हर महीने मोटा मुनाफा देने और स्कीम में नए मेंबर जोड़ने पर भारी कमीशन का लालच देता था। इस सुनियोजित ठगी का शिकार केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों के भोले-भाले लोग भी बने।
निजी खाते में ट्रांसफर होता था निवेश का पैसा
शातिर आरोपी का ठगी करने का तरीका बेहद अलग था। वह सबसे पहले लोगों से नजदीकी और व्यक्तिगत संबंध बनाकर उनका भरोसा जीतता था। एक बार विश्वास कायम होने के बाद, वह उन्हें और उनके सगे-संबंधियों को निवेश करने के लिए राजी कर लेता था। जब पुलिस ने बैंक खातों की जांच की, तो पता चला कि पीड़ितों द्वारा निवेश की गई पूरी रकम कंपनी के आधिकारिक खाते में जाने के बजाय सीधे अंकुर ज्योति सैकिया के पर्सनल बैंक अकाउंट में जमा हो रही थी।
रोहतक के ढाबे से दबोचा गया आरोपी
लंबे समय से फरार चल रहे इस इनामी ठग की तलाश में जुटी आर्थिक अपराध शाखा की टीम को आखिरकार एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कामयाबी मिली। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी अंकुर ज्योति सैकिया को हरियाणा के रोहतक स्थित एक ढाबे से धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर इस रैकेट से जुड़े अन्य सुराग तलाशने में जुटी है।

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