जयपुर नगर निगम आयुक्त ने संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण

जयपुर। जयपुर नगर निगम के आयुक्त ओम कसेरा ने गुरुवार को शासन सचिवालय में स्थित 'राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181)' के कंट्रोल रूम का औचक दौरा किया। वहां उन्होंने अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक कर विभाग से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान आयुक्त ने खुद हेल्पलाइन के जरिए जनता (परिवादियों) से फोन पर सीधे बात की और उनकी समस्याओं का फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाली आमजन की शिकायतों का तय समय के भीतर और तेजी से निपटारा किया जाए, ताकि किसी को भी परेशानी न हो। श्री कसेरा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच के कारण यह हेल्पलाइन जनता की समस्याओं को तुरंत सुलझाने में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

आयुक्त ने खुद फोन पर सुनीं जनता की समस्याएं

दौरे के दौरान आयुक्त श्री ओम कसेरा ने हेल्पलाइन के माध्यम से कई शिकायतकर्ताओं से सीधे बात की और उनकी समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता से सुना। बातचीत के दौरान लोगों ने उन्हें सड़कों की बदहाली, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम की गलतियां, पट्टे जारी करने में हो रही देरी और मोहल्लों की सफाई व्यवस्था जैसी समस्याओं से अवगत कराया। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आयुक्त ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को इन सभी शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करने के आदेश दिए।

अब तक 95 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतों का समाधान

बैठक में सामने आए संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, जयपुर नगर निगम से जुड़े अब तक कुल 91 हजार 753 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से 87 हजार 884 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है, जो कि कुल शिकायतों का लगभग 95.78 प्रतिशत है। आंकड़ों से यह भी पता चला है कि विभाग द्वारा इन शिकायतों को सुलझाने में औसतन 18 दिन का समय लग रहा है। इस समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव कर रहे हैं सीधा संवाद

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विशेष निर्देशों के बाद इस व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। जनता की रोजमर्रा की समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करने के लिए सभी विभागों के सचिव तय तारीखों पर खुद राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के कंट्रोल रूम में बैठ रहे हैं और आम लोगों से सीधे फोन पर बात कर रहे हैं। इस हेल्पलाइन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराकर उसका त्वरित समाधान पा सकता है।