नई दिल्ली। ऐप आधारित कैब सर्विस ओला, उबर और रैपिडो (Ola, Uber and Rapido) के ड्राइवर्स ने 7 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल (nationwide strike) का ऐलान किया है। इस हड़ताल को ऑल इंडिया ब्रेकडाउन नाम दिया गया है। ड्राइवर यूनियन ने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि उनका कहना है कि कंपनियां लगातार मुनाफा कमा रही हैं, जबकि ड्राइवर्स का शोषण हो रहा है।
हड़ताल की वजह
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “देश भर के ऐप आधारित परिवहन कर्मी 7 फरवरी को ऑल इंडिया ब्रेकडाउन करेंगे। न न्यूनतम किराया है, न कोई नियमन — सिर्फ अंतहीन शोषण।”
यूनियन के अनुसार, ओला, उबर, रैपिडो और पोर्टर जैसी प्लेटफॉर्म सेवाओं में किराया एकतरफा तय किया जाता है, जिससे ड्राइवरों की आय असुरक्षित, अस्थिर और असहनीय हो गई है।
प्रमुख मांगे
यूनियन ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2005 का हवाला देते हुए मांग की है:
प्लेटफॉर्मों पर नियामक निगरानी
किराए में पारदर्शिता
ड्राइवरों की आजीविका और सुरक्षा
केंद्र व राज्य सरकारें ऐप आधारित सेवाओं के लिए न्यूनतम किराया तय करें, और इसे निर्धारित करने से पहले ड्राइवर यूनियनों से राय ली जाए
कैब सेवाओं में निजी वाहनों के उपयोग पर रोक
सरकार की नई पहल और हड़ताल का समय
ड्राइवरों की हड़ताल ऐसे समय में हुई है जब गृहमंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी सेवा लॉन्च की है। यह सरकारी सेवा ओला और उबर जैसी सुविधाओं के साथ काम करेगी और ड्राइवर्स को कई प्रकार की सुविधा प्रदान करेगी। फिलहाल इसे ट्रायल फेस में लागू किया गया था, लेकिन अब इसे देशव्यापी रूप से लागू किया जा रहा है।

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