October 24, 2026

सेमीकंडक्टर उद्योग में MP की बढ़ती ताकत, जानिए क्या है वजह

इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में आर्थिक राजधानी इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय 'मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' का शानदार शुभारंभ हुआ है। राज्य सरकार मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने, निवेश को प्रोत्साहित करने, तकनीकी बुनियादी ढांचा मजबूत करने और युवाओं के लिए कुशल रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में लगातार जुटी हुई है।

भविष्य की तकनीकी जरूरतों पर जोर

वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे तकनीक के दौर को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार भविष्य की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा दे रही है। इस तरह के उद्योगों के विस्तार से न केवल तकनीकी क्षेत्र में राज्य की स्थिति मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए बताया कि आज मध्य प्रदेश अपनी कुशल कार्यबल और मजबूत डेमोग्राफिक डिविडेंड के आधार पर निवेश संभावनाओं को तेजी से आकार दे रहा है।

5,800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

इस दो दिवसीय समिट में देश-विदेश की नामी सेमीकंडक्टर कंपनियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है। इस आयोजन के दौरान 5,800 करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे राज्य के 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। समिट में चिप डिजाइन, उन्नत पैकेजिंग, टेस्टिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और अनुसंधान जैसे विषयों पर आठ पैनल चर्चाएं और पांच राउंडटेबल बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जबकि 50 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं।

इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का ऐलान

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आगामी 'जीआईएस 2027' में सहभागिता के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की तर्ज पर मध्य प्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। राज्य में 'सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' और 'फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइन और हाई-टेक उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी ताकि प्रदेश देश के अग्रणी तकनीकी हब में शामिल हो सके।