सोनभद्र: अनपरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले औड़ीमोड़ इलाके में बुधवार की रात एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा सामने आया है। यहाँ अचानक आए बरसाती नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से एक मां और उनकी आठ महीने की मासूम बेटी बह गईं। प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा की गई भारी मशक्कत के बाद मासूम बच्ची का शव तो बरामद कर लिया गया है, लेकिन मां का देर रात तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार महिला की तलाश में जुटी हुई है।
शौच के लिए गई थीं मां-बेटी, अचानक आई आफत
मिली जानकारी के मुताबिक, औड़ीमोड़ स्थित एमटीसी (MTC) कार्यालय के पीछे रहने वाली 25 वर्षीय सविता देवी (पत्नी राकेश कुमार) बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे अपनी आठ माह की बेटी को गोद में लेकर घर के पीछे बने बरसाती नाले के पास गई थीं। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई और नाले में पानी का जलस्तर व बहाव इतनी तेजी से बढ़ा कि दोनों संभल नहीं पाईं और तेज धारा में बह गईं।
पति के घर लौटने पर खुला राज, मची चीख-पुकार
हादसे का घटनाक्रम: देर रात जब सविता का पति राकेश कुमार काम से घर लौटा और पत्नी के बारे में पूछा, तो परिजनों ने बताया कि वह काफी समय पहले पीछे की तरफ गई थीं और तब से नहीं लौटी हैं। अनहोनी की आशंका होने पर परिजनों ने तुरंत तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास महिला की साड़ी झाड़ियों में फंसी मिली।
नाले में लकड़ी के सहारे अटका मिला मासूम का शव
परिजनों द्वारा खोजबीन जारी रखने के बीच अनपरा तापीय परियोजना के गेस्ट हाउस के पीछे नाले में आठ महीने की बच्ची का शव एक लकड़ी में कपड़ों के सहारे फंसा हुआ दिखाई दिया। घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने रोते-बिलखते परिजनों के सामने बच्ची के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। लापता महिला सविता देवी की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे परिवार और इलाके में मातम पसरा हुआ है।

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