बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की तारीख तय, 6 जुलाई से भरेंगे नामांकन

पटना। बिहार की हाई-प्रोफाइल 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक एलान हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। यह सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होने के साथ ही इस राजधानी की सबसे चर्चित सीट पर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।

6 जुलाई से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया और चुनावी कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 6 जुलाई को जारी की जाएगी और इसी दिन से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया की शुरुआत हो जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जिसकी जांच 14 जुलाई को स्क्रूटनी के दौरान की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापसी के लिए 16 जुलाई तक का समय दिया जाएगा। नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद चुनाव प्रचार पूरी तरह से रफ्तार पकड़ेगा। अंततः 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा और 3 अगस्त को मतों की गणना के साथ ही परिणाम सबके सामने आ जाएंगे।

भाजपा और राजद की साख दांव पर, अभी नहीं खुले पत्ते

उपचुनाव के बिगुल बजने के बावजूद प्रमुख राजनीतिक दलों ने फिलहाल अपने उम्मीदवारों के नाम का औपचारिक एलान नहीं किया है। भारतीय जनता पार्टी के सामने अपने इस पारंपरिक गढ़ और मजबूत सीट को बचाए रखने की बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से पार्टी का मुख्य आधार रहा है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल इस सीट पर बड़ी जीत दर्ज कर सूबे की राजनीति में एक नया और मजबूत संदेश देने की कोशिश में है। दोनों ही खेमे फूक-फूंक कर कदम रख रहे हैं और सही समय पर अपने पत्ते खोलने की रणनीति बना रहे हैं।

तेज प्रताप यादव ने वीणा मानवी को उतारा, मुकाबला हुआ दिलचस्प

मुख्य दलों की सस्पेंस के बीच राजद से अलग राह पकड़ चुके तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से वीणा मानवी को उम्मीदवार घोषित कर सबसे पहले बाजी मार ली है। उनके इस कदम ने बांकीपुर के चुनावी दंगल को और भी ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घोषणा के बाद चुनावी मुकाबले में नए समीकरण उभर सकते हैं, जो मुख्य मुकाबले में त्रिकोणीय स्थिति पैदा करने का माद्दा रखते हैं।

प्रशांत किशोर की जन सुराज ने झोंकी ताकत, जमीन पर बढ़ी सक्रियता

इन सबके बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी बांकीपुर उपचुनाव को लेकर पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुके हैं। वह लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं, गलियों में लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं और जनता से भाजपा के खिलाफ बदलाव के लिए मतदान करने की अपील कर रहे हैं। जन सुराज की इस जमीनी सक्रियता और आक्रामक अभियान ने पारंपरिक राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं और बांकीपुर की जंग को इस समय बिहार की सबसे हॉट सीट बना दिया है।