झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में आयोजित एक प्रशासनिक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री विजय शाह का कड़ा रुख देखने को मिला। शुक्रवार को पिटोल क्षेत्र में आयोजित 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शिविर' में पहुंचे जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्री ने कार्य में शिथिलता बरतने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आम जनता के काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।
जनसेवा ही सरकार का मुख्य ध्येय
शिविर को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री विजय शाह ने कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार पूरी तरह से गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए समर्पित है। इन शिविरों का उद्देश्य महज औपचारिक आयोजन या मेला लगाना नहीं है, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के चेहरे पर खुशी लाना है। उन्होंने कहा कि राजनीति धन अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जन-कल्याण का एक जरिया है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे और हर घर में भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
दिव्यांग प्रमाणपत्रों के लिए सख्त निर्देश
कार्यक्रम में दिव्यांगजन प्रमाणपत्र जारी करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए मंत्री शाह ने नई व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब से प्रत्येक शुक्रवार को डॉक्टरों की विशेष टीम शिविर स्थल पर मौजूद रहेगी और पात्र लोगों को मौके पर ही प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। जांच प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आवश्यकता पड़ने पर पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें भी शिविर में साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जिलों में जमीनी स्थिति की जानकारी लेने के लिए अपना तंत्र सक्रिय कर रखा है, जिससे हर गतिविधि की सूचना उन तक पहुंचती है। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ भोपाल स्तर से सीधी कार्रवाई की जाएगी।

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