न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को मिली पराजय के पश्चात देश के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी शैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कैफ का स्पष्ट रूप से मानना है कि कप्तान अय्यर को मैच की परिस्थितियों के अनुरूप अपने गेंदबाजों का कुशल प्रबंधन और बेहतर उपयोग करना सीखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से डेथ ओवरों में अपने प्रमुख विशेषज्ञ गेंदबाजों के ओवर बचाकर रखने तथा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी से उनकी वास्तविक भूमिका के अनुसार ही गेंदबाजी करवाने की सलाह दी है।
गेंदबाजी में बदलाव और रणनीतिक चूक पर कैफ की दोटूक राय
मोहम्मद कैफ ने खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा कि कप्तान अय्यर की गेंदबाजी रणनीतियों में बदलाव और विभिन्न मौकों पर सही गेंदबाज को गेंद सौंपने के मामले में निरंतर कमियां नजर आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल किसी एक विशेष मुकाबले की बात नहीं है, बल्कि एक ऐसा पैटर्न बन गया है जो लगातार दोहराया जा रहा है। उनके अनुसार विपक्षी टीमें मौजूदा समय में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ आसानी से दो सौ, सवा दो सौ और ढाई सौ तक का स्कोर बना रही हैं। कैफ ने सुझाव दिया कि अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों का इस्तेमाल उनकी विशेषज्ञता को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, क्योंकि अर्शदीप डेथ ओवरों के प्रमुख बाएं हाथ के विकल्प हैं जबकि भुवनेश्वर के पास नई गेंद और अंतिम ओवरों का लंबा अनुभव है।
कम समय में तीन बार ढाई सौ से अधिक रन लुटाने पर चिंता
अपने तर्कों को आंकड़ों के आधार पर समझाते हुए पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि वर्ष 2026 से पूर्व भारतीय पुरुष टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कभी भी 250 या उससे अधिक रन नहीं दिए थे, परंतु मौजूदा कप्तान के कार्यकाल में पिछले चार महीनों के भीतर ही ऐसा तीन बार हो चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ साउथैम्प्टन में 257 रन, वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में 252 रन और हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में 259 रन बनाए जाने का उन्होंने विशेष उल्लेख किया। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर बार महंगे प्रदर्शन के लिए अकेले कप्तान को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि ऑकलैंड मैच के दौरान कीवी बल्लेबाजों ने अंतिम नौ ओवरों में ही 146 रन कूट डाले थे।
नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका और कप्तान श्रेयस का खराब फॉर्म
मोहम्मद कैफ ने युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी के गेंदबाजी उपयोग पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि नीतीश को मुख्य गेंदबाज की भूमिका देने के बजाय पारी के पांचवें या छठे वैकल्पिक गेंदबाज के रूप में उपयोग करना चाहिए और उनके कोटे के ओवर बीच के चरणों में ही समाप्त कर दिए जाने चाहिए। कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए यह चिंता केवल नेतृत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका व्यक्तिगत बल्ला भी शांत नजर आ रहा है। गत छह अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद शतकीय पारी खेलने के बाद से उनकी पिछली आठ पारियों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है, जिसके चलते कप्तानी के साथ-साथ उनका खराब फॉर्म भी भारतीय क्रिकेट हलकों में मुख्य चर्चा का विषय बना हुआ है।

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