बड़वानी
भारतीय संस्कृति में विवाह एक श्रेष्ठ और पवित्र संस्कार है यह 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण है जिसे ‘‘ पाणिग्रहण संस्कार ‘‘ भी कहा जाता है। हमारे समाज में बेटी के माता-पिता को उनके बड़े होने पर सबसे अधिक चिंता उनके विवाह की होती है। सरकार की इस योजना के माध्यम से उन सभी गरीब अभिभावकों की इस चिंता को खत्म किया है। जिससे वे बेटियों की शादी को बोझ नहीं वरदान समझे। अब उन्हे विश्वास है कि उनकी बेटी का विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हो जायेगा। योजनान्तर्गत मिलने वाली 49 हजार रुपये की राशि से बेटियां अपनी मर्जी अनुसार गृहस्थी बसा सकती है।
कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचन्द्र गेहलोत एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग मंत्री तथा बड़वानी जिले के प्रभारी मंत्री श्री इन्दरसिंह परमार ने उक्त बाते शनिवार को कृषि उपज मण्डी प्रांगण बड़वानी में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हुए सामूहिक विवाह समारोह के दौरान कन्याओं को आर्शीवाद देते हुए कही। इस दौरान पूर्व केबिनेट मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री बलवंत पटेल, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री अजय यादव, कलेक्टर श्रीमती गुंचा सनोबर, पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश डावर, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी निक्कु चौहान ने कन्याओं को 49 हजार रुपये की राशि का चेक का वितरण कर सुखी दाम्पत्य जीवन का आर्शीवाद भी दिया।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत दिलवाई शपथ
मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने उपस्थितों को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई एवं संवर्धन की शपथ भी दिलवाई।
कार्यक्रम में पूर्व केबिनेट मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री बलवंतसिंह पटेल, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री अजय यादव, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी निक्कु चौहान, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री सुभाष भावसार, श्री भगवती प्रसाद शिन्दे, भागीरथ कुशवाह, समस्त पार्षदगण, सहित वर-वधु के परिजन उपस्थित थे।

More Stories
4 साल तक साधु बनकर छिपा रहा चोर, दाढ़ी ने खोल दी पूरी पोल
सागर के बाद 5 जिलों में स्कूल बंद, 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित
एमपी में तपती धरती: कई शहरों में पारा 40°C पार, लू का अलर्ट जारी