November 2, 2026

मनसुख मांडविया ने बताया छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का महत्व, बोले- युवाओं के लिए सशक्त माध्यम

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में आयोजित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के भव्य समापन समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि यह आयोजन पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो ऐसे वृहद और ऐतिहासिक आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हो सकते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल खेलों का सर्वांगीण विकास होता है, बल्कि नई खेल प्रतिभाएं भी सामने आती हैं। हॉकी को भारत की समृद्ध खेल परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के अद्भुत खेल कौशल का स्मरण किया और कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेल संस्कृति का नया सवेरा

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में संपूर्ण देश के भीतर खेलों के प्रति एक सकारात्मक और नया वातावरण निर्मित हुआ है। 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' जैसे दूरदर्शी अभियानों ने युवा पीढ़ी में खेलों के प्रति जबरदस्त रुचि और जागरूकता का संचार किया है। आज देश के होनहार युवा खेल को केवल मनोरंजन अथवा शारीरिक दक्षता तक सीमित न मानकर, इसे अपनी वास्तविक प्रतिभा प्रदर्शित करने और एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने के सशक्त अवसर के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का स्वरूप और अधिक व्यापक एवं प्रतिस्पर्धात्मक होगा, जिससे राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर राज्य की एक नई और विशिष्ट पहचान स्थापित होगी।

सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम में समापन और मुख्यमंत्री का संबोधन

राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित इस समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने विजेता तथा उपविजेता टीमों के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग राज्य में छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इस आयोजन ने प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने और सीखने का अनूठा अवसर प्रदान किया है।

ग्रामीण व जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों, जनजातीय अंचलों और बीहड़ क्षेत्रों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें केवल उचित अवसर, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इसी ध्येय के साथ खेल अधोसंरचना के विस्तार में जुटी हुई है। इस प्रतियोगिता में राजधानी रॉयल्स, न्यायधानी नाइट्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, बैलाडीला बुल्स और मैनपाट टाइटंस जैसी छह टीमों ने भाग लेकर पूरे प्रदेश को खेल उत्सव के रंग में रंग दिया। बस्तर से लेकर सरगुजा तक के खिलाड़ियों ने इस मंच पर अपनी खेल क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

स्थानिक संस्कृति, छत्तीसगढ़ी कमेंट्री और मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन

इस आयोजन का मुख्य आकर्षण ‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ का प्रेरक संदेश रहा, जिसने युवाओं को खेल के मैदान की ओर आकर्षित किया। प्रतियोगिता के सीधे प्रसारण के साथ-साथ हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा में कमेंट्री की विशेष व्यवस्था ने इस आयोजन को स्थानीय संस्कृति और जन-जन से जोड़ दिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के तहत 'मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन' की शुरुआत की गई है, ताकि संसाधनों के अभाव में किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का सपना अधूरा न रहे। इस गरिमामयी समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।