लुधियाना। पंजाब के राजोआणा कलां स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में मुख्य सेवादार संत बाबा बलदेव सिंह के रिहायशी कमरे पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के हाई-प्रोफाइल मामले में लुधियाना ग्रामीण पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अंकुर गुप्ता के दिशा-निर्देशन में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरदासपुर क्षेत्र में छापेमारी कर दो शूटरों को अवैध असलहे सहित धर दबोचा है। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने संत बाबा बलदेव सिंह को जान से मारने के इरादे से उनके कमरे पर गोलियां बरसाई थीं। इस वारदात के बाद से ही पुलिस की कई विशेष टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं।
रंगदारी न देने पर विदेशी धमकियों के बाद दिया गया वारदात को अंजाम
इस सनसनीखेज गोलीबारी कांड की कड़ियां विदेश में बैठे अपराधियों और रंगदारी मांगने के गिरोह से जुड़ती नजर आ रही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संत बाबा बलदेव सिंह को कुछ समय पूर्व एक विदेशी इंटरनेट नंबर से फोन कॉल कर भारी रंगदारी देने के लिए धमकाया गया था तथा मांग पूरी न होने पर जान से मारने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, बाबा बलदेव सिंह ने इन धमकियों को तवज्जो न देते हुए फिरौती देने से स्पष्ट मना कर दिया था। इसके बाद बदमाशों ने गुरुद्वारा परिसर की बाकायदा रेकी की और मौका पाते ही तड़के तड़के मुख्य सेवादार के कमरे को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी।
दरवाजे चीरती हुई दीवार में घुसी गोली, बाल-बाल बची जान
हमलावरों द्वारा चलाई गई गोलियों में से एक गोली कमरे के शीशे और लकड़ी के दरवाजे को चीरती हुई सीधे अंदर दीवार में जा धंसी। गोली ठीक उसी जगह जाकर लगी जहां बाबा बलदेव सिंह आमतौर पर बैठा करते थे। गनीमत यह रही कि जिस समय यह वारदात हुई, उस वक्त वे स्नान करने गए हुए थे, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया और उनकी जान बाल-बाल बच गई।
सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच के सहारे गुरदासपुर पहुंची पुलिस
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने खुद जांच की कमान संभाली और एसपी (डी) राजन शर्मा, डीएसपी दाखा करण संधू तथा सुधार थाना प्रभारी राजविंदरपाल सिंह की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया। पुलिस टीम ने साइबर सेल की तकनीकी सहायता, फॉरेंसिक साक्ष्यों और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से अध्ययन करते हुए हमलावरों का सुराग निकाला। जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम अंततः गुरदासपुर पहुंची और दोनों शूटरों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।
धार्मिक स्थलों पर फायरिंग से हड़कंप और मामले की व्यापक जांच
उल्लेखनीय है कि जगरांव के गांव गगड़ा स्थित गुरुद्वारा गोपालसर साहिब में हुई फायरिंग के ठीक बाद राजोआणा कलां के गुरुद्वारा मंजी साहिब में भी तड़के 3:18 बजे नकाबपोशों ने गोलियां चलाई थीं। दो दिनों में लगातार दो धार्मिक स्थलों पर हुई इन घटनाओं से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। अब पुलिस पकड़े गए शूटरों के नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन, फिरौती की साजिश और हथियारों के मुख्य स्रोत का पता लगाने में जुटी है, ताकि इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जा सके।

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