नई दिल्ली। उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने वॉकी-टॉकी की ऑनलाइन बिक्री में ग्राहकों को गुमराह करने और आवश्यक जानकारी न देने के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने होगार टेक्नोलॉजीज सहित कुल 12 कंपनियों पर 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसमें अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे दिग्गज भी शामिल हैं। सीसीपीए ने वॉकी-टॉकी बेचने वाली कंपनी होगार टेक्नोलॉजीज पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने अपनी वेबसाइट पर उत्पाद लिस्टिंग में डिवाइस की रेडियो फ्रीक्वेंसी, लाइसेंस की आवश्यकता और आवश्यक अनुमोदनों की जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दी, जिससे उपभोक्ता यह मान सकते थे कि बिना अनुमति उपयोग कर सकते हैं, जबकि कुछ को लाइसेंस अनिवार्य है। होगार की दलीलें सीसीपीए ने खारिज कर दीं। यह कार्रवाई केवल होगार तक सीमित नहीं है। सीसीपीए ने ऑनलाइन वॉकी-टॉकी बिक्री में जानकारी की कमी पर व्यापक जांच शुरू की। जांच में 16,970 से अधिक ऐसी लिस्टिंग मिलीं, जिनमें जरूरी जानकारी का अभाव था। अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो, मेटा सहित 13 ई-कॉमर्स को नोटिस जारी हुए, और अब तक 12 कंपनियों पर कुल 58 लाख रुपये का जुर्माना लगा। अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और मेटा जैसे दिग्गजों पर 10-10 लाख रुपये, जबकि जियोमार्ट और होगार पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि ग्राहकों को उत्पादों से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी देना कंपनियों की अनिवार्य जिम्मेदारी है।

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