नई दिल्ली। देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक नई और प्रभावी व्यवस्था की शुरुआत की है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से मिले दिशा-निर्देशों के बाद अब दिल्ली के प्रत्येक पुलिस थाने में हर शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ‘थाना दिवस-जन सुनवाई’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा करना और पुलिस तथा जनता के बीच आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत करना है। इस जन सुनवाई की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें न केवल स्थानीय थाने का स्टाफ मौजूद रहेगा, बल्कि स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, डीसीपी, एसीपी और एसएचओ स्तर के बड़े अधिकारी भी रोटेशन के अनुसार खुद थानों में बैठकर लोगों की फरियाद सुनेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी मौजूदगी और लापरवाही पर रोक
नई व्यवस्था के तहत जारी कड़े निर्देशों में यह साफ कर दिया गया है कि जिलों के डीसीपी, एसीपी और एसएचओ व्यक्तिगत रूप से इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि किसी भी फरियादी की समस्या को नजरअंदाज न किया जा सके। सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जनता की शिकायतों को दूर करने में किसी भी प्रकार की कोताही, टालमटोल या अनावश्यक देरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की इस जन सुनवाई में सीधे तौर पर भागीदारी होने से पुलिसिंग व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, जवाबदेही तय होगी और शिकायतों को दबाने या भ्रष्टाचार जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी।
बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के सीधी एंट्री और एलजी हाउस से मॉनिटरिंग
फरियादियों की सहूलियत के लिए दिल्ली पुलिस ने सभी तकनीकी पेचीदगियों को खत्म करने का फैसला लिया है, जिसके तहत अब इस जन सुनवाई का हिस्सा बनने के लिए किसी भी प्रकार के पूर्व ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्यता नहीं होगी। जो लोग ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करने में असमर्थ हैं, वे सीधे शनिवार को थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दे सकते हैं, जिसे मौके पर दर्ज करने के बाद पुलिस बाद में अपने डिजिटल रिकॉर्ड में अपडेट करेगी। इसके साथ ही, जिन मामलों में मौके पर फैसला नहीं हो पाएगा और गहन जांच की जरूरत होगी, उन्हें तुरंत संबंधित जांच अधिकारी को सौंप दिया जाएगा। प्रत्येक जिले को हर सोमवार को अपनी रिपोर्ट विजिलेंस डिवीजन और रेंज के उच्चाधिकारियों को भेजनी होगी, जबकि इस पूरी कार्यप्रणाली की सीधे एलजी हाउस से भी कड़ी निगरानी की जाएगी।
थानों में नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं और मित्रवत माहौल
पुलिस प्रशासन ने थानों की छवि को जनता के बीच अधिक उत्तरदायी और मित्रवत बनाने के भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। 'थाना दिवस' के दौरान आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य शिकायतकर्ताओं के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था, हेल्प डेस्क और एक सहज व तनावमुक्त वातावरण तैयार किया जाएगा। इस नई कल्याणकारी योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए पुलिस थानों के नोटिस बोर्ड, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सहित विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और मार्केट एसोसिएशनों की भी मदद ले रही है ताकि आम जनता को इस संबंध में जागरूक किया जा सके।

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